बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन करने पहुंचे अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 20 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन किया गया। बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु ने कहा कि जो व्यक्ति थोड़े में ही खुश रहता है, सबसे अधिक खुशी उसी के पास होती है। लोगों को अपने पास मौजूद चीजों में खुश रहने की आदत डालनी चाहिए। मन और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आत्म संतुष्टि बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अतीत पर शोक न करें और न ही भविष्य की चिंता करें, बल्कि बुद्धिमानी व ईमानदारी से वर्तमान में जीना ही स्वस्थ रहने का मार्ग है। क्रोध को प्यार से और बुराई को अच्छाई से जीता जा सकता है। खुशियां बांटने से बढ़ती हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक दीपक से हजारों दीपक रोशन होते हैं। सच्चा ज्ञानी वह है जो शांतिपूर्ण, प्रेमपूर्ण और निर्भय हो।