श्रावस्ती। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई की पुलिस कस्टडी में हत्या के बाद जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी विशेष निगरानी कर रही है। पुलिस बल के साथ एसपी भारत नेपाल सीमा के साथ नगर में मार्च कर रही हैं। यहां चौकसी इसलिए ज्यादा है क्योंकि 2014 में अतीक ने यहां से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
शनिवार रात अतीक की हत्या की खबर मिलते ही भारत नेपाल सीमा पर विशेष चौकसी के लिए एसएसबी अलर्ट हो गई। यहां तक कि निर्धारित समय के बाद से सीमा पर आने जाने के लिए रोक लगा दी गई। दिन में जो भी सीमा पार से आए या गए, उनकी सघन तलाशी के साथ पूरा विवरण दर्ज किया गया।
वहीं आंतरिक भाग में एसपी प्राची सिंह ने स्वयं भारी पुलिस बल के साथ सीमावर्ती क्षेत्र जमुनहा, नासिरगंज, बदला, भिनगा नगर, इकौना नगर आदि स्थानों पर गश्त की। विशेषकर मुस्लिम इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। इस मौके पर सभी स्थानों पर शांति तो रही लेकिन अंदर खाने में लोग पूरी घटना को जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिए।
अतीक ने किया था आचार संहिता का उल्लंघन
वर्ष 2014 में हुए लोकसभा आम चुनाव में अतीक श्रावस्ती लोकसभा सीट से सपा सिंबल पर चुनाव लड़ने आया था। उसकी उपस्थिति न तो उस समय स्थानीय लोगों को रास आई थी और न ही उसी के दल के नेताओं को। यही कारण रहा कि दल के नेता भी सधे कदमों से ही उसका साथ दे रहे थे। यहां तक कि गिलौला में सबसे पहले उसी ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए भारी संख्या में वाहनों की रैली निकाली थी। उसके काफिले में हथियार की खबर भी सुर्खियों में रही थी। यही कारण था कि कट्टरपंथी विचारधारा के अतिरिक्त आमजन उसके समर्थन में नहीं आए और यही उसकी यहां से हार का कारण बना।
नामांकन कराने जाते समय भाजपा खेमे में दौड़ा दिया था घोड़ा
श्रावस्ती लोकसभा सीट के लिए बलरामपुर कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र जमा किया जा रहा था। एक ही दिन सपा व भाजपा दोनों प्रत्याशियों को नामांकन पत्र जमा करना था। लेकिन प्रशासन ने दोनों को समय अलग-अलग दिया था। पहले सपा प्रत्याशी अतीक अहमद को समय मिला था। तो वहीं सड़क किनारे एक बाग में अपने समर्थकों को एकत्र करने के लिए भाजपा प्रत्याशी को स्थान दिया गया था।
अतीक घोड़े पर बैठकर बलरामपुर नगर की ओर से कलेक्ट्रेट जा रहा था। जब वह भाजपा खेमे के निकट पहुंचा तो घोड़ा सड़क पर चलाने के बजाए उसने भाजपा खेमे की ओर दौड़ा दिया था जिससे कुछ देर तक वहां अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। संवाद