श्रावस्ती। सात वर्ष पूर्व पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया था। विवाद घर की चौखट से निकल कर कुटुंब न्यायालय पहुंच गया। लंबी लडाई के बाद दंपती ने अपनी भूल को स्वीकार करते हुए समझौता कर लिया। राष्ट्रीय लोग अदालत में शनिवार को ऐसे पांच दंपती आपसी कलह भूल साथ रहने को राजी हुए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया था। जिला न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर शुरूआत की। कुटुंब न्यायालय में इकौना के मिस्त्रीपुर की सरिता व सिरसिया के गब्बापुर निवासी उसके पति संजय कुमार के बीच साल 2016 से चल रहे विवाद पर समझौता हो गया। ऐसे ही इकौना के बागवान निवासी मोहम्मद नदीम का बहराइच के अकबरापुर निवासी आशिया बेगम से 2021 से चल रहा विवाद आज खत्म हो गया।
गिलौला के हरिहरपुररानी निवासी खुशबू बेगम व बहराइच के सिटकहना जोत निवासी उसके पति फखरुद्दीन के बीच समझौता हो गया। भिनगा के खैरीकला निवासी मीरा देवी का खैरहनिया निवासी उसके पति उदयराज से विवाद समाप्त हो गया। भिनगा के कुन्ननपुर निवासी खुशबुद्दीन का भंगहा बाजार निवासी पत्नी शाहिना ने आपसी समझौता कर लिया। न्यायालय से ही दंपति साथ रहने के लिए अपने घर के लिए रवाना हो गए।
इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय फूलचंद पटेल, प्राधिकरण सचिव एडीजे अजय सिंह, एडीजे सुदामा प्रसाद, उमेश कुमार द्वितीय, सीजेएम सारिब अली, सिविल जज प्रवर खंड विश्वजीत सिंह, देवर्षि देव कुमार, अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत श्याम लाल कोरी, अध्यक्ष उपभोक्ता फोरम बीएन यादव, सिविल जज जूनियर डिवीजन गौरव द्विवेदी, अजिता वर्मा, जेएम असगर अली सहित न्यायालय कर्मी, अधिवक्ता व पक्षकार मौजूद रहे।