श्रावस्ती। अनुसूचित जाति की महिला से 12 साल पूर्व हुए दुष्कर्म के मामले में एडीजे उमेश कुमार की कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को दस साल की कैद के साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। हालांकि कोर्ट ने दोषी को एससी-एसटी एक्ट के मामले में दोष मुक्त कर दिया।
अभियोजक पक्ष से जुड़े अधिवक्ता प्रेम कुमार मिश्रा ने बताया कि इकौना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 18 अप्रैल 2011 को दी तहरीर में बताया था कि 27 मार्च 2011 को वह अपने पति के साथ सेमगढा चौराहे पर गल्ला लेने जा रही थी। तभी इकौना थाना क्षेत्र के भयापुरवा निवासी रमेश सिंह पुत्र सूबेदार सिंह ने पीड़िता को बुरी नियत से दबोच कर उसके साथ दुराचार किया।
साथ ही जाति सूचक गालियां भी दी। मामले में एसपी के निर्देश पर इकौना पुलिस ने मामला दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर जिला जज व स्पेशल जज एससी-एसटी ने गवाहों के बयान व साक्ष्य के आधार पर आरोपी रमेश को दुराचार का दोषी मानते हुए सजा सुनाई जबकि एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।