गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में सोमवार को वियतनाम से आए 40 अनुयायियों का दल पहुंचा। बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में दल के सदस्यों ने पारंपरिक तरीके से गंध कुटी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का आयोजन भी किया गया। सभा में भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि दस पारमिताओं का पूर्ण पालन करने वाला बोधिसत्व कहलाता है। दस बलों या भूमियों को प्राप्त करने पर बोधिसत्व बुद्ध बनता है। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म का अंतिम लक्ष्य संपूर्ण मानव समाज के दुखों का अंत करना है। बुद्ध ने दुख, उसके कारण, निरोध और निरोध के मार्ग का उपदेश दिया था।