कारागार में परीक्षण करती चिकित्सा टीम।-
श्रावस्ती। जिला कारागार में शनिवार को जेल अधीक्षक राजकुमार की अध्यक्षता में एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान 306 बंदियों की जांच की गई और उन्हें संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। जागरूकता गोष्ठी में जेल अधीक्षक ने कहा कि एचआईवी/एड्स गंभीर संक्रामक बीमारी है। इसका उपचार संभव है। संक्रमित व्यक्ति उपचार और स्वस्थ खानपान के जरिए सामान्य जीवन जी सकता है। परामर्शदाता जितेंद्र मिश्र ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति को समान अवसर, स्वास्थ्य, घर-संपत्ति व विरासत तथा शिक्षा और सरकारी-गैर सरकारी संस्थाओं में सेवा का अधिकार है। एचआईवी के कारण भेदभाव करना एक्ट-2017 के तहत दंडनीय है। जेल फार्मासिस्ट अशोक पांडेय ने बताया कि 298 पुरुष और आठ महिला बंदियों की एचआईवी, सिफिलिस, हेपेटाइटिस बी-सी की जांच के साथ टीबी स्क्रीनिंग भी की गई। जेलर अवधेश प्रसाद राय, डीपीसी रवि मिश्र, डीपीटीसी संदीप सिंह, जेल समन्वयक श्रीकांत शुक्ला समेत अन्य मौजूद रहे।