विपश्यना केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती स्थित विपश्यना ध्यान केंद्र में सत्यनारायण गोयनका की पुण्यतिथि पर संघ दान कार्यक्रम आयोजित हुआ। अध्यक्षता आचार्य गोपाल शरण सिंह ने की। कार्यक्रम में 100 बौद्ध भिक्षुओं को संघ में सम्मिलित किया गया। आचार्य ने कहा कि गोयनका ने देशभर में कई विपश्यना केंद्र स्थापित किए, जो आज भी संचालित हैं। उन्होंने विपश्यना को मन और शरीर के लिए उपयोगी मानसिक अभ्यास बताया। कहा कि यह भारत की प्राचीन ध्यान पद्धति है, जिसे महात्मा बुद्ध ने करीब 2600 वर्ष पहले पुनः खोजा था। वर्तमान में दुनियाभर में करीब 170 केंद्र हैं, जहां 10 से 60 दिन तक के ध्यान पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। आचार्य ने कहा कि विपश्यना से तनाव कम होने के साथ धैर्य, आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ती है। बच्चों और युवाओं के लिए भी यह उपयोगी है। कार्यक्रम में देवेंद्र महाथेरो, स्वर्ण सिंह, प्रवीण कुमार, आर्यवीर, संघपाल और राजकुमार गुप्ता मौजूद रहे।