यमुना नदी के मंगलवारा घाट पर डूबे व्यक्ति की तलाश करते गोताखोर तथा इकट्ठा हुए ग्रामीण
चौसाना (शामली)। मंगलौरा स्थित यमुना नदी में भेड़ नहलाने के दौरान 30 वर्षीय बिंदर निवासी ऊदपुर डूब गया। आसपास के लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई अधिक होने के कारण उसका पता नहीं चल सका। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बिडौली से क्षेत्रीय गोताखोरों को बुलाकर तलाश की गई। लेकिन युवक का पता नहीं लगा।
चौसाना के गांव ऊदपुर निवासी बिंदर पुत्र बीर सिंह भेड़ पालन कर परिवार को पालता था। परिवार में पत्नी गीता व तीन छोटे बच्चे हैं। शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे मंगलौरा स्थित माढ़ी के पास यमुना नदी में भेड़ों को नदी में नहलाने के लिए गया था तभी यमुना नदी की गहराई में समा गया। आसपास की ग्रामीणों ने भेड़ों को बचा लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्षेत्रीय गोताखोरों को बुलाया और उच्चाधिकारियों को सूचित कर पीएसी के गोताखाेरों की मांग की गई।
काफी मशक्कत के बाद भी कोई सफलता हासिल नहीं हुई। यमुना में डूबे युवक के परिजनों ने हरियाणा के पानीपत से भी गोताखाेरों को बुलाया है। वहीं लापता के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। युवक की पत्नी गीता ने बताया कि परिवार में वह एकमात्र काम करने वाला व्यक्ति था। सूचना पर एसडीएम विजय शंकर मिश्रा व तहसीलदार सचिन वर्मा भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली।
- एसडीएम के रवैये का ग्रामीणों ने किया विरोध
यमुना नदी में डूबे युवक की सूचना पर उपजिलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। ग्रामीणों का आरोप है कि उपजिलाधिकारी की कार्यशैली सही नहीं रही। परिजनों ने प्रशासन की कार्यशैली को तमाशा बताते हुए जिलाधिकारी को फोन कर शिकायत दर्ज कराई। उपजिलाधिकारी का कहना है कि हमने सभी जानकारी पुलिस से ली है। अगर जरूरत पड़ी तो एनडीआरएफ को भी बुलाया जाएगा। वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं।
- पोकलेन मशीनों से बने हैं नदी में बड़े-बड़े कुंड
सरकार द्वारा राजस्व प्राप्ति के लिए तीन महीने के लिए खनन करने के पट्टे किए जाते हैं। लेकिन नियमानुसार खनन न होकर बड़ी बड़ी पोकलेन मशीनों से खनन होता है, जिससे नदी में बड़े बड़े कुंड बन जाते हैं, जो लोगों की जान ले रहे हैं। इसी तरह बीते दिन बिडौली में हुए हादसे में तीन जानें चली गईं। ग्रामीणों ने मंगलोरा में 50-50 फीट गहरे गड्ढे होने का दावा किया है।