शामली में कैराना में यमुना नदी में तैनात पीएसी के गोताखोर।
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शामली के कैराना में पहाड़ो पर हुई बारिश के चलते हथनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बरकरार है। सोमवार को हथनीकुंड बैराज से छोडे़ गए 31,342 क्यूसेक पानी से एक बार फिर यमुना नदी में उफान आ गया। कैराना में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 230.2 मीटर को पार गया गया है।
पिछले दिनों यमुना नदी खतरे के निशान को पार करके हुए 231.6 मीटर पर पहुंच गई थी। इसके बाद पहाड़ों पर बारिश बंद होने से यमुना का जलस्तर घट गया था। वहीं, दो दिन से फिर से पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण हथनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ना शुरू हो गया। सोमवार को हथनीकुंड बैराज से यमुना में 31,342 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे मंगलवार को यमुना का जलस्तर बढ़कर चेतावनी बिन्दु को पार करता हुआ 230.2 मीटर पर पहुंच गया।
उधर, हथनीकुंड बैराज से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह नौ बजे यमुना में 31,342 क्यूसेक, 10 व 11 बजे 42 हजार 835 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे अधिकतम 46,429 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार को भी यमुना का जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी है। उधर, यमुना नदी में कांवड़ियों के स्नान करने के कारण पीएसी 44वीं वाहिनी के मोटरबोट से लैस 16 गोताखोरों के अलावा एक दर्जन प्राइवेट गोताखोर यमुना तट पर नजर रखे हुए हैं।
बारिश में तीन मकान गिरे
जलालाबाद। बारिश के बाद मंगलवार को दोपहर ग्राम दभेड़ी में मोहम्मद माजिद पुत्र अब्दुल का कच्चा मकान भर भराकर गिर गया। मकान की छत के नीचे माजिद के बच्चे दब भी दब गए थे। पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें मलबे से बाहर निकाला। अन्य लोग भी बाल- बाल बच गए। वहीं कस्बे के मोहल्ला अलीहसन में सरला देवी पत्नी फूलचंद के मकान की छत भी गिर गई। उस समय महिला और उसके परिजन मकान के बाहर बैठकर चाय पी रहे थे। मकान के अंदर रखा सभी सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मोहल्ला रामनगर में चौकीदार मांगेराम का मकान भी गिर गया। लोगों ने सामान निकालकर अपने घर में रखवाया। मांगेराम कस्बे के मीठी कुई शिव मंदिर में आश्रय लेकर रह रहा है। पीड़ितों ने एसडीएम से मुआवजे की मांग की है।