शामली। जिला अस्पताल की विद्युत लाइन में फाल्ट आने की वजह से मरीजों के एक्स-रे नहीं हो पाए। एक्स-रे न होने पर मरीज निराश होकर वापस गए। दोपहर बाद विद्युत लाइन ठीक हो सकी।
जिला अस्पताल की विद्युत लाइन में सुबह से ही फाल्ट आने से दो फेस ही आ रहे थे, जिस कारण अस्पताल की विद्युत व्यवस्था बाधित रही। जिला अस्पताल में जेनरेटर से विद्युत आपूर्ति दी गई, लेकिन जेनरेटर से एक्सरे मशीन नहीं चल पाई। सुबह से ही एक्सरे कराने वाले मरीजों की लाइन लगी रही। पहले तो मरीज विद्युत लाइन ठीक होने का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर तक भी बिजली न आने से मरीज बिना एक्स-रे के ही वापस चले गए। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 80 से 90 एक्सरे होते हैं। दोपहर बाद करीब दो बजे विद्युत लाइन का फाल्ट ठीक होने के बाद अस्पताल में आपूर्ति बहाल हो सकी। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि विद्युत लाइन में फाल्ट की वजह से अस्पताल में दो फेस आ रहे थे। विद्युत आपूर्ति न होने से जेनरेटर से अस्पताल में विद्युत की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जेनरेटर से एक्सरे मशीन नहीं चल पाती, जिस कारण मरीजों के एक्सरे नहीं हो सके। मरीजों को एक्सरे कराने के लिए अगले दिन आने के लिए कहा गया है। दोपहर में पौने दो बजे विद्युत लाइन में फाल्ट ठीक होने पर विद्युत आपूर्ति शुरू हो गई थी।
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यूनीसेफ की टीम ने एनआरसी का किया निरीक्षण
जिला अस्पताल में चल रहे पोषण पुनर्वास केंद्र का दिल्ली से आई यूनिसेफ की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाएं सही पाए जाने पर टीम ने संतोष व्यक्त किया।
मंगलवार को दिल्ली से यूनिसेफ की दो सदस्यीय टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम ने अस्पताल में चल रहे पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। टीम यहां पर करीब दो घंटे तक रही। टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि पिछले करीब छह माह से संचालित एनआरसी में चार बच्चे भर्ती हुए थे, जो ठीक होकर घर भेजे गए। वर्तमान में एक बच्चा केंद्र में भर्ती मिला। उन्होंने एनआरसी के दस्तावेज का अवलोकन किया और यह देखा कि बच्चे भर्ती होने वालों की स्थिति क्या रही और जो बच्चे यहां उपचार के लिए आए, उनकी भर्ती न होने की वजह क्या रही। डॉ. सानिया से टीम के सदस्यों ने जानकारी ली। टीम ने एनआरसी के संचालन और उपचार, आहार आदि की व्यवस्थाएं सही पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा ने बताया कि यूनिसेफ की टीम ने एनआरसी का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने व्यवस्थाएं सही पाईं।