शामली। रेलवे स्टेशन के पार्किंग परिसर का मिट्टी का भराव करके ऊंचा उठाया जाएगा। पक्का सीमेंट से बनाकर तैयार जाएगा। रेलवे स्टेशन पर सवारियों को आने जाने के लिए सीढि़यां से प्रवेश होगा। दिव्यांगों के लिए रैंप के माध्यम से गुजरने पडे़गा।
वर्ष 1980 में शामली रेलवे स्टेशन कार्यालय भवन, पार्किंग परिसर तैयार किया गया था। 44 साल पुराने भवन की कायाकल्प पलटने के लिए अमृत भारत योजना में शामली रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया था। 25 करोड़ 50 लाख रुपये की कार्य योजना तैयार करके डेढ साल पहले धनराशि अवमुक्त की गई थी। जिसमें 24 मीटर लंबाई और 12 मीटर चौड़ाई का 15.50 करोड रुपये की लागत से फुट ओवर ब्रिज, और दस करोड़ रुपये की रेलवे स्टेशन पर कार्यालय भवन का सुंदरीकरण,परिसर की पार्किग स्थल ऊंचा करके तैयार करने की धन राशि अवमुक्त की गई थी।
हालांकि सुंदरीकरण कार्य पिछले एक साल से कार्य चल रहा है। रेलवे स्टेशन परिसर में प्रवेश के लिए मुख्य गेट को बढ़ाया गया है। दिव्यांगों के लिए रैंप को ऊंचा उठाकर गेट के दोनों ओर बनाया गया है। प्लेटफार्म एक और दो को ऊंचा उठाकर लंबाई बढाई गई है। फुट ओवर ब्रिज के लिए प्लेटफार्म एक और दो पर पिलर खडे़ कर दिए गए हैं। पिलरों पर गर्डर रखने का कार्य पूरा हो चुका है। पुल पर लोहे की स्लेब और सीमेंट का कार्य के अलावा सवारियों के चढ़ने और उतरने के लिए लोहे की सीढि़यां बनना अवशेष है। स्टेशन पर शैड का लोहे का ढांचा खड़ा हो चुका है। टीन शेड डालने का कार्य अधूरा है। रेलवे स्टेशन पर आने जाने के लिए मुख्य गेट को बंद कर दिया गया है। जीआरपी थाने के पास से रेलवे स्टेशन पर जाने के लिए आम रास्ता बनाया गया है। दिल्ली मंडल के उप महाप्रबंधक मनजीत सिंह सिंधु ने बताया कि आगामी 31 मार्च 2025 तक अमृत भारत योजना के सभी कार्य पूरे हो जायेंगे। शामली रेलवे स्टेशन नए लुक में दिखाई देगा।