संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को चौथे दिन बेमियादी हड़ताल जारी रही। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आजीविका मिशन का कार्य प्रभावित होने लगा है।
विकास भवन में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2015 से किसी भी मिशन कर्मचारी को सात प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। हालांकि महंगाई काफी बढ़ गई है। जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मॉडल एमआरसी पॉलिसी योजना के तहत मिशन कर्मियों को शिक्षा, लैपटॉप, मोबाइल, सेल्फ लर्निंग भत्ता देने और जीवन व स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, जिले में तबादला कर समायोजन करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर विभागीय संविदा पर नियुक्त करने, कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये देने तथा एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग की।
कर्मचारियों की चार दिन की हड़ताल से पोषण माह पखवाड़ा, संतृप्तिकरण, कोविड टीकाकरण सहयोग प्रशिक्षण, राशन उठान, समूह गठन, उत्पादक समूह गठन, बचत खाते खुलवाना, बैंक क्रेडिट लिकेंज, संकुल स्तरीय समितियों से ऋण वापसी, दीपावली मेले में लगने वाले स्टॉल की तैयारी, सदस्यों को रोजगार से जोड़ना, सभी कैडर का मानदेय आदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जिला मिशन प्रबंधक पंकज कुमार, ममता देवी, अजीत कुमार, अशोक कुमार बीएमएम, सुषमा जायसवाल, अवनीश, रेशमा, कविता, सीमा, गुलशन, रेनू, हासिफ सैफी,आकाश सिंह, अनंत, विजय त्यागी आदि मौजूद रहे।