आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी
शामली। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की वेतन वृद्घि समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को सातवें दिन विकास भवन में कार्य बहिष्कार जारी रहा। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आजीविका मिशन का कार्य प्रभावित हो गया है।
मंगलवार को सातवें दिन विकास भवन में धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2015 से किसी भी मिशन कर्मचारी को सात प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया। जबकि महंगाई काफी ज्यादा बढ़ गई है। जिससे उनका जीवन यापन मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मॉडल एमआरसी पॉलिसी योजना के तहत मिशन के कर्मचारियों ने शिक्षा, लेपटॉप, मोबाइल, सेल्फ लर्निंग भत्ता देने और जीवन व स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ देने, स्थाई निवास के जिले में तबादला करते हुए समायोजन करने, आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करके विभागीय संविदा पर नियुक्त करने, कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये देने और एचआर पोलिसी लागू करने की मांग की। कर्मचारियों की सात दिन की हड़ताल से पोषण माह पखवाड़ा, संतृप्तिकरण, कोविड टीकाकरण सहयोग प्रशिक्षण, राशन उठान, समूह गठन, उत्पादक समूह गठन, बचत खाते खुलवाना, बैंक क्रेडिट लिकेंज, संकुल स्तरीय समितियों से ऋण की वापसी, दीपावली मेले में लगने वाले स्टॉल की तैयारी, सदस्यों को रोजगार से जोड़ना, सभी कैडर का मानदेय आदि कार्य प्रभावित हो रहे है। जिला स्तरीय अधिकारियों ने कर्मचारियों की कोई सुध नहीं ली है। जिला मिशन प्रबंधक पंकज कुमार, ममता देवी, अजीत कुमार, अशोक कुमार बीएमएम, सुषमा जायसवाल, अवनीश, रेशमा, कविता, सीमा, गुलशन, रेनू, हासिफ सैफी,आकाश सिंह, अनंत, विजय त्यागी आदि मौजूद रहे।