शामली। जिले की ऊन चीनी मिल मंगलवार को 89.50 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके बंद हो गई। चीनी मिल ने पिछले साल 95 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। अपर दोआब चीनी मिल के अप्रैल के आखिर सप्ताह में बंद होने की संभावना है।
जिले की थानाभवन चीनी मिल पिछले सप्ताह एक करोड़ 11 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके बंद हो चुकी है। जिले की ऊन चीनी मिल सोमवार की देर रात गन्ना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो गई। मिल के यूनिट हेड अवनीश चौधरी और गन्ना जीएम कुलदीप पिलानिया ने बताया कि मिल ने इस वर्ष 89.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। जबकि पिछले साल मिल ने 95 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। उन्होंने बताया कि ऊन चीनी मिल के अवशेष पांच गन्ना खरीद केंद्र बंद हो गए हैं। नोकेन मेें मिल बंद हुई है। दूसरी ओर शामली मिल के उपमहाप्रबंधक दीपक राणा ने बताया कि मिल 69.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। मिल को 11 लाख क्विंटल गन्ने मिलने की संभावना है। मिल अप्रैल के आखिर सप्ताह तक चलने की उम्मीद है।
किसानों ने गन्ना मंत्री को दिया ज्ञापन
शामली। किसान नेता संजीव लिलौन के नेतृत्व में किसानों ने प्रदेश के गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण को ज्ञापन देकर शामली चीनी मिल का पिछले सत्र का बकाया 214.21 करोड़ रुपया दिलाए जाने की मांग की है। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि शामली चीनी मिल की ओर से पिछले सत्र का बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। गन्ना मंत्री ने जल्द ही किसानों को बकाया गन्ना भुगतान कराए जाने का आश्वासन दिया।ज्ञापन देने वालों में संजीव लिलौन, बहादुर सिंह लिलौन आदि मौजूद रहे। संवाद