शामली। जिला अस्पताल में महिला अस्पताल को स्टाफ का इंतजार है। महिला अस्पताल के लिए भवन तैयार है। शासन स्तर से उपकरण भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन चिकित्सा अधीक्षका समेत 12 चिकित्सकों के पद स्वीकृत नहीं हुए हैं। चिकित्सकों की नियुक्ति न होने से महिला मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।
पूर्वी यमुना नहर पटरी स्थित जिला अस्पताल को शुरू हुए ढाई वर्ष से अधिक हो गया है। करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से जिला अस्पताल का भवन बनकर तैयार हुआ था। इसी भवन में महिला अस्पताल बनाया गया है। जिला अस्पताल के लिए 22 चिकित्सक और महिला अस्पताल के लिए 12 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। जिला अस्पताल में ज्यादातर चिकित्सकों के पद पर नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन महिला अस्पताल के लिए किसी चिकित्सक की नियुक्ति शासन स्तर से नहीं हुई है। यहां तक कि चिकित्सा अधीक्षक का पद भी रिक्त चल रहा है। इसके अलावा अन्य सभी चिकित्सकों के पद भी खाली चल रहे हैं। महिला अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति न होने के कारण न तो डिलीवरी की सुविधा शुरू हो पा रही है और न ही गंभीर बीमारी का इलाज हो रहा है। इससे महिला मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
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कोट:
महिला अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक समेत 12 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। अभी तक शासन से किसी पद पर चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई है। एक साल में चार बार शासन को चिकित्सकों व स्टाफ की नियुक्ति के लिए पत्र भेजा जा चुका है। चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति होने पर महिला अस्पताल शुरू किया जाएगा।
-डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल।
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महिला अस्पताल में ये पद हैं स्वीकृत:
चिकित्सा अधीक्षक-एक
स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी - एक
बाल रोग विशेषज्ञ - एक
निश्चेतक - दो
ईएमओ - तीन
चिकित्साधिकारी रेडियोलोजिस्ट - एक
चिकित्साधिकारी पैथोलोजिस्ट - एक
वरिष्ठ स्त्री रोग परामर्शदाता - दो