शामली। जिले में लगातार तीसरे दिन भी दोपहर से रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। तीसरे दिन बारिश आफत बनी। जलालाबाद क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी में बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आकर महिला की मौत हो गई। उधर, दो स्थानों पर बारिश के चलते कच्ची छत गिर गई, परिवार के सदस्य चपेट में आने से बाल-बाल मच गए। पूर्वी यमुना नहर खंड के अनुसार शनिवार को 14 एमएम बारिश हुई। तीन दिन में कुल 46 एमएम बारिश दर्ज की गई।
शनिवार को तीसरे दिन सुबह बारिश थमने से लोगों को राहत मिली, लेकिन दोपहर में 12 बजे फिर से बारिश शुरू हो गई। रुक-रुककर कभी हल्की तो कभी तेज बारिश होती रही। रात तक भी बारिश रही। गांव कुड़ाना में बिल्लू शर्मा के मकान की कच्ची छत गिर गई, जिसमें परिवार के सदस्य चपेट में आने से बच गए।
वहीं, कैराना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर राई में नसीम शनिवार सुबह करीब चार बजे उसका परिवार घर के अंदर सोया हुआ था। इसी दौरान उसके कच्चे मकान एक हिस्सा ढह गया। इस दौरान सो रहे परिवार के सदस्य ओर पास में बंधे दो मवेशी बच गए।
जलालाबाद क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी में रामसिंह की पत्नी 75 वर्षीय रानी देवी शनिवार सुबह घर से मवेशियोंं को चारा डालने अपने घेर में गई थी। वापस आते समय बिजली के खंभे के पास से निकलते समय करंट की चपेट में आ गई। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका के पुत्र ब्रजपाल सैनी ने बताया बिजली के खंभे में लगी तान (सपोर्ट) में बरसात के कारण करंट आ रहा था, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
वहीं धान की फसल गिरने व सब्जी की फसल में पानी भरने से किसानों ने नुकसान होने की आशंका जताई है। उधर, बारिश के कारण बाजार भी ग्राहकों की कमी के कारण सूने पड़े रहे।
थानाभवन क्षेत्र में तीन से लगातार चल रही बारिश से सड़कों पर पानी भरने व कीचड़ होने से लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर जलभराव व कीचड़ होने के कारण आवागमन में हो रही समस्या के समाधान की मांग की।
धान की फसल गिरी, सब्जियों को भी नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि बारिश के कारण धान की फसल गिर गई है, जिससे फसल प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा खेत में पानी होने के कारण गोभी, ओर अन्य सब्जियों की फसल को भी नुकसान हुआ है।