शामली कलेक्ट्रेट में हगामे बाद जानकारी लेते एसडीएम
शामली। क्षेत्र के एक गांव की महिला ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर खुद के ऊपर तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इस दौरान लोगों ने किसी तरह महिला की जान बचाई। महिला ने ससुर पर जमीन से बेदखल करने और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। एडीएम के कार्रवाई के आश्वासन के बाद महिला शांत हुई। आदर्श मंडी थाना पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है।
बृहस्पतिवार 11 बजे क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला शामली कलक्ट्रेट पहुंची। महिला ने पहले तो ससुर पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद छिपाकर रखी बोतल से पेट्रोल अपने ऊपर छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। महिला के हंगामे और शोर शराब को देखकर कलक्ट्रेट में पहुंचे लोगों ने महिला के हाथ से तेल की बोतल छीनी और आग नहीं लगाने दी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुर उस पर दबाव बनाते हुए शारीरिक शोषण किया। अब उसके हिस्से की जमीन को बेचकर उत्तराखंड में रह रहा है। विरोध करने पर परिवार के सदस्यों को मारने की धमकी दी जाती। अब एक ईंट भट्ठा मालिक के साथी के साथ मिलकर उसे अचल-चल संपत्ति से बेदखल करने की धमकी दी जा रही है। कहा कि उसने अपने परिवार और प्रशासन से मदद मांगी मगर परिवार के लोगों ने उसकी कोई मदद नहीं की है। मदद न होने पर वह आत्मदाह का प्रयास करने को मजबूर हुई। पीड़िता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग नई दिल्ली, मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, आयुक्त सहारनपुर मंडल, एसपी शामली को सभी आरोप लगाते हुए पत्र भेजा है। एडीएम सतोष कुमार सिंह ने बताया कि महिला का अपने ससुर के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आदर्श मंडी थाना प्रभारी ने बताया कि महिला को कार्रवाई का आश्वासन देकर घर भेज दिया गया है। जांच की जा रही है।
कई दिन तक उसे बंधक बनाकर रखा जाता था
महिला का आरोप है कि ससुर उसको घर पर ही बंधक बनाकर रखता था। शारीरिक शोषण का विरोध करने पर उसके बेटे की हत्या की धमकी दी जाती थी। उसके एक बेटे की मौत हो चुकी है जबकि दूसरे को मारने की धमकी दी जा रही है। जिसके कारण परिवार के लोग भी दहशत में है।
तो जा सकती थी जान
कलक्ट्रेट में महिला के आत्मदाह के प्रयास के दौरान यदि मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को किसी तरह से बचाया। यदि इस दौरान आग लग जाती तो हालात गंभीर होते। महिला ने चेतावनी दी कि यदि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह फिर से आत्मदाह करने को बाध्य होगी।