शामली। गीता भागवत प्रचार समिति की ओर से श्रीमद् भागवत कथा की में मंगलवार को वृंदावन से आई कथा वाचक तेजस्वी ने कहा कि वेद एक कल्प वृक्ष के समान है। उन्होंने कहा कि पांच वेद श्रीमद् भागवत के अनुसार हैं। पांचवां वेद भी है जो पुराण और इतिहास से मिलकर बना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा वह पुराण है, जो मीठे फल के समान उसका रसपान करता है। जीव के सारे पाप समाप्त हो जाते है। श्रीमद् भागवत एक गलितम फल है। मतलब जो दिव्य अमृत प्रदान करने वाला है, जो सबका कल्याण करने वाला है। कथा वाचक ने कहा कि भाव भक्ति से प्रेम भक्ति की ओर जीव बढ़ता है। भगवान श्री कृष्ण के चरणों का ध्यान लगाता है। वह हमेशा मस्त रहता है और आनंद की प्राप्ति होती है। भगवान श्री कृष्ण आनंद स्वरूप है। इस अवसर पर महा आरती और प्रसाद का वितरण भी किया गया। समारोह में प्रवीण, सविता, राजपाल, राज शरण विशाल, गीता, करुणा, रीता, सरिता आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।