-23 अगस्त 2010 के बाद भर्ती हुए शिक्षक पदोन्नति की लाइन में हैं खड़े
-जनपद में 28 हेडमास्टर और 150 सहायक अध्यापक के पद पड़े हैं खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति पर फिर से संकट मंडराने लगा है। परिषद की ओर से जिलों में वरिष्ठता सूची तैयार कराने के बाद अब टीईटी पास शिक्षकों की जानकारी मांगी जा रही है। ऐसे में शिक्षकों को यह चिंता सताने लगी है, जिन्होंने जूनियर टीईटी पास नहीं की है, वे कहीं पदोन्नति की सूची से बाहर न हो जाएं।
बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से जिलों को पत्र भेजकर 31 मार्च 2023 तक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही ऑनलाइन शिक्षकों से वरिष्ठता सूची को लेकर भेजी गई आपत्तियों का निस्तारण कराकर उसको अपडेट करने का निर्देश दिया गया। साथ ही 30 अप्रैल तक वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए कह दिया गया। जिलों की तरफ से वरिष्ठता सूची तैयार करके भेजने के बाद दो दिन पहले परिषद की ओर से जूनियर टीईटी पास शिक्षकों की सूची मांगी गई है। इसको तीन दिनों में अपडेट करके भेजना है। मगर निदेशालय ने कहा कि पदोन्नति के लिए उन शिक्षकों को शामिल करना है, जिन्होंने टीईटी पास किया है। क्योंकि यह नियम 23 मार्च 2010 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों के लिए लागू होगा। शिक्षक वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर होने के बाद भी पदोन्नति के लाभ से वंचित रह जाएंगे। वहीं प्राइमरी से जूनियर में प्रमोशन के लिए एनसीटीई की गाइड लाइन के अनुसार टीईटी पास शिक्षकों की पदोन्नति करने की बात कही गई। ऐसे में उन शिक्षकों को पदोन्नति न मिलने का डर सताने लगा है, जिन्होंने प्रदेश में टीईटी लागू होने के पहले नियुक्ति पाई थी। जनपद में करीब 28 हेडमास्टर और 150 के करीब सहायक अध्यापक के पद खाली पड़े हैं और इन पदों पर शिक्षकों की पदोन्नति होनी है। बीएसए कोमल का कहना है कि अभी निदेशालय से स्पष्ट आदेश अभी नहीं आया है।