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Shamli News: शामली, ऊन और थानाभवन में सभापति का निर्विरोध चुनाव तय

Thu, 17 Oct 2024 02:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। जिले की गन्ना समितियों के संचालक पद का चुनाव घाेषित होने के बाद सभापति पद के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। शामली ऊन और थानाभवन गन्ना समिति में सभापति निर्विरोध चुने जाने की संभावना बन गई है। यहां पर भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा के क्षेत्र में 9 संचालक निर्विरोध चुने जा चुके हैं। भाजपा और गठबंधन थानाभवन, शामली में गन्ना समिति में सभापति के लिए जाट कार्ड खेलने जा रही है। शामली गन्ना समिति में सभापति रालोद-भाजपा गठबंधन से जाट प्रत्याशी के रूप में विक्रांत छोटा को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। शासन से नामित होने वाले संचालक सभापति के चुनाव में अहम भूमिका निभाएगे।
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जिले में शामली गन्ना सहकारी समिति में पांच और ऊन में चार संचालक चुने जाने के बाद बृहस्पतिवार को सभापति पद के लिए मतदान होगा। हालांकि शामली गन्ना समिति में सभापति पद के लिए रालोद-भाजपा गठबंधन से विक्रांत छोटा को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। शामली और थानाभवन गन्ना सहकारी समिति में सभापति पद पर सपा और बसपा अपना प्रत्याशी खड़ा करने की हिम्मत नहींं जुटा पाई।
सपा के जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि थानाभवन में राजेंद्र सिंह, शामली में विक्रांत छोटा और ऊन गन्ना सहकारी समिति में नीटू भभेड़ी को सपा ने समर्थन दे दिया है। शामली में विक्रांत छोटा और थानाभवन में राजेंद्र मादलपुर और ऊन में नीटू के निर्विरोध सभापति बनने की संभावना है। शासन से एक-एक नामित संचालक की सूची बृहस्पतिवार को जारी होगी। शासन से नामित सदस्य सभापति बनने में अहम भूमिका निभाएगे।
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शामली-थानाभवन और ऊन गन्ना समिति का संचालक बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो चुका है। पिछली योजना में शामली गन्ना समिति से शासन से नामित संचालक के रूप में संजीव कसरेवा कलां, ऊन गन्ना सहकारी समिति में रोशन पिंडौरा, थानाभवन गन्ना समिति में सुभाष सैनी नामित किए गए थे। इस बार शामली गन्ना समिति में शासन से सतपाल भूरा को नामित सदस्य के रूप में नाम चुने जाने की संभावना है।
सभापति पद के लिए रालाेद विधायक प्रसन्न चौधरी, भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा सक्रिय हैं। रालोद-भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी विक्रांत उर्फ छोटा के समर्थन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रालोद अध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन, विधायक अशरफ अली, जिलाध्यक्ष वाजिद अली भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह से मिले। विक्रांत के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बन गई है।
- 29 साल में एक वोट से संचालक पद पर हारे
29 साल से शामली गन्ना समिति से सक्रिय रहे अलीपुर परिवार से संचालक पद पर इस बार नीलम चुनाव हार गईं। नीलम के परिवार में 1995 में गन्ने की राजनीति शुरु की थी। उनके परिवार से हरपाल सिंह शामली गन्ना समिति में चेयरमैन चुने गए थे। वर्ष 2000 में हरपाल सिंह के पुत्र राजवीर सिंह गन्ना परिषद के चेयरमैन और 2015 में राजवीर सिंह की मां कृष्णा देवी संचालक चुनी गईं। इस बार गन्ना परिषद के पूर्व चेयमैन राजवीर सिंह के परिवार से नीलम संचालक पद से चुनाव मैदान में थी। जो एक वोट से संचालक पद पर चुनाव हार गईं।
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