शामली। जिले की थानाभवन और शामली चीनी मिलों का नया पेराई सत्र सोमवार को शुरू हो रहा है, लेकिन अभी तक मिलों के तौल केंद्रों का निर्धारण नहीं हुआ है। सरकार की ओर से गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी भी नहीं की गई है। ऊन चीनी मिल का चार या पांच नवंबर से पेराई सत्र शुरू होने की संभावना है।
20 अक्तूबर को गन्ना विभाग की ओर से चीनी मिलों के तौल केंद्र निर्धारण के लिए प्रक्रिया चालू की गई थी। दीपावली के मद्देनजर गन्ना तौल केंद्र तय करने की प्रक्रिया को रोक दिया था। शनिवार से एक बार फिर चीनी मिलों के तौल केंद्रों के निर्धारण लिए बैठकों का दौर शुरू हुआ।
तौल केंद्र तय करने के लिए मंडल के सभी जिला गन्ना अधिकारियों ने लखनऊ में डेरा डाल दिया। उम्मीद की जा रही है कि नवंबर के प्रथम सप्ताह के पहले चार दिनों में तौल केंद्रों का निर्धारण हो जाएगा। नए पेराई सत्र में किसान गन्ना मूल्य बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए हैं। डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि तीन और चार नवंबर तक चीनी मिलों के तौल केंद्रों का निर्धारण हो जाएगा।
380 रुपये प्रति क्विंटल हो गन्ने का मूल्य
योजना आयोग के पूर्व सदस्य और सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. सुधीर पंवार का कहना है कि इस साल पेस्टीसाइड महंगा होने के कारण गन्ने की उत्पादन लागत 18-20 रुपये बढ़ गई है। पिछले साल से गन्ने की फसल भी कमजोर है। पंजाब सरकार गन्ना मूल्य 380 रुपये क्विंटल घोषित करने, इथेनॉल व चीनी के मूल्यों में बढ़ोतरी तथा केंद्र सरकार के एफआरपी बढ़ाने के बाद प्रदेश के किसान भी योगी सरकार से भाव बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं।
पिछला बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिला
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक कहा कहना है कि पिछला बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिला है। नया सत्र शुरू होने के बाद किसान मजबूरी में फिर चीनी मिल में डालेगा। नए सत्र में किसान गन्ना मूल्य बढोतरी का इंतजार कर रहे हैं।
नहीं हुआ भुगतान, मिलों पर 401.67 करोड़ बकाया
शामली। पिछले साल का किसानों का बकाया गन्ना भुगतान किए बिना जिले की चीनी मिलें चालू हो रही हैं।
जिले की चीनी मिलों ने 1152.65 करोड़ रुपये का किसानों का गन्ना पेराई करके बंद हुई थी। जिले की चीनी मिलों ने कुल 749.97 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान किया है। 29 अक्तूबर तक जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 401.67 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 171.52 करोड़, ऊन चीनी मिल पर 84.12 करोड़, थानाभवन चीनी मिल पर 146.03 करोड़ बकाया है। शामली चीनी मिल 54.22 प्रतिशत, सात फरवरी 2022, ऊन चीनी मिल 75.04 प्रतिशत गत 12 मार्च 2022, थानाभवन चीनी मिल 66.81 प्रतिशत यानी 20 फरवरी 2022 तक भुगतान किया है।
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पिछले साल के जिले की चीनी मिलों के तौल केंद्र
मिल - तौल केंद्र पेराई क्षमता
शामली- 31- 75 हजार क्विंटल
ऊन- 93- 70 हजार क्विंटल
थानाभवन- 68- -90 हजार क्विंटल