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Shamli News: जिले के दो गांव ऐसे भी... यहां थाने में जाना समझा जाता है पाप

Wed, 01 Nov 2023 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। जिले के अधिकांश गांवों में मुश्किल से ही ऐसा कोई दिन बीतता हो जब ग्रामीण थाने नहीं जाते हो। मगर शामली जिले के दो ऐसे गांव ऐसे है, जिसमें बाबरी थाना क्षेत्र के पंवारखेड़ा गांव में चार तो तलवा माजरा गांव के लोगों ने दो साल से कोई मामला थाने पर दर्ज नहीं कराया। यह हम नहीं कह रहे, पुलिस का रिकाॅर्ड गवाही दे रहा है। एसपी ने दोनों गांवों को शांतिप्रिय गांव की श्रेणी में डाला हुआ है। अन्य गांव के लोग भी दोनों गांव के लोगों से सीख लेकर आपसी प्यार और सौहार्द की मिसाल कायम कर सकते हैं। दोनों गांव में अपराध खत्म करने में पुलिस की भी अहम भूमिका रही है। संवाद
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जानिए शांतिप्रिय गांव पंवारखेड़ा और तलवा माजरा की खासियत
महाभारत कालीन स्वयंभू शिव मंदिर के कारण जाना जाता है पंवारखेड़ा गांव
पंवारखेड़ा गांव की आबादी करीब 1600 हैं। यहां पर ग्राम प्रधान सूर्य प्रकाश है। गांव में महाभारत कालीन स्वयंभू शिव मंदिर मौजूद हैं जिसमें पूजा-अर्चना करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार,पिछले चार साल से गांव में कोई अपराध नहीं हुआ है। थाने में रिपोर्ट तो दूर की बात एनसीआर तक दर्ज नहीं की गई। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में आपसी प्यार और सौहार्द है, जिसके कारण अधिकतर मामलों को गांव में ही निपटा लिया जाता है। ग्रामीण यशपाल सिंह का कहना है कि थाने जाने पर लोग बेइज्जती या फिर पाप समझते हैं, जिसके कारण पहले ग्राम प्रधान के यहां पर शिकायत की जाती है। पुलिस भी इतना सहयोग करती है कि कोई झगड़ा हो गया तो सुलह करने का मौका देती है।
रोल सिद्ध बाबा की तलवा माजरा गांव पर है विशेष कृप्या
तलवा माजरा गांव की आबादी करीब 1650 है। यहां के प्रधान विनोद कुमार हैं। गांव में एक तलवा नाम का कुआं है, जिसके नाम पर पुराने समय में गांव का नाम तलवा माजरा पड़ा था। गांव में रोल सिद्ध बाबा का मंदिर है। बताया जाता है कि जिस स्थान पर मंदिर बना है, यहां पर बाबा रोल सिद्ध ने समाधि ली थी। जिसके कारण गांव में कोई बड़ा मामला आज तक नहीं हुआ है। ग्राम प्रधान विनोद कुमार ग्रामीणों के सहयोग से छोटे मामलों को खुद ही निपटा लेते हें, गांंव में ही पंचायत लगती है।
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इस तरह गांव को अपराध मुक्त बना रहे ग्रामीण और प्रधान
पंवारखेड़ा गांव के प्रधान सूर्य प्रकाश का कहना है कि गांव के लोग थाने पर शिकायत करने के लिए जाने पर बेइज्जती महसूस करते हैं, जिसके कारण आपसी सुलह के साथ मामलों को निपटा लिया जाता है। गांंव में इतना अधिक भाईचारा है कि सभी त्योहार मिल जुलकर मनाए जाते हैं। अपराध नहीं होने का प्रमुख कारण पुलिस का सहयोग भी है, पुलिस ग्रामीणों के मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करती। ग्राम समिति भी बनाई हुई है, जो किसी भी मामले की सूचना तुरंत देती है। सूचना मिलते ही पहला प्रयास दोनों पक्षों के मनमुटाव को दूर करना होता है। सभी लोग मान भी जाते हैं।

तलवा माजरा गांव के प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि वैसे तो गांव में भाईचारा होने और पुलिस के सहयोग के कारण कोई अपराध नहीं होता है, यदि हो भी गया तो मैं खुद झगड़े वाले परिवार के सदस्यों के पास पहुंचता हूं। दोनों को एक दूसरे से गलती मनवाकर सुलह करा दी जाती है। पुलिस का पूरा सहयोग मिलता है। जिसके कारण गांव अपराध मुक्त की श्रेणी में आया है।
लोगों से पुलिस का तालमेल और आपसी प्यार और सौहार्द के कारण तलवा माजरा और पंवारेखडा गांव पूरी तरह से अपराध मुक्त की श्रेणी में है। दोनों गांव के लोगों से जिले के अन्य 228 गांवों के लोगों को भी सीख लेनी चाहिए। ग्रामीण आपसी प्यार और सुलह के आधार पर छोटे मामलों को निपटा लेते हैं। पुलिस अब लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करा रही है। जिसका परिणाम है कि दोनों गांव शांतिप्रिय गांव की श्रेणी में आ गए हैं।
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अभिषेक, एसपी शामली
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