शामली। जिला अस्पताल में स्वीकृत दोनों पदों पर सर्जन की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा फिर भी नहीं मिल पा रही है। ऑपरेशन की सुविधा न होने से मरीज परेशान रहते हैं और प्राइवेट में महंगा उपचार कराने को मजबूर रहते हैं। इसकी वजह निश्चेतक की नियुक्ति न होना है।
जिला अस्पताल में सर्जन के दो पद स्वीकृत है। एक सर्जन डॉ. नरेश सैनी पहले से ही नियुक्त चल रहे हैं। दूसरे सर्जन के पद पर पिछले सप्ताह डॉ. सौरभ अग्रवाल ने ज्वाइन कर लिया है। जिला अस्पताल में दो सर्जन नियुक्त होने के बाद भी मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल रही है। इसकी वजह ये है कि जिला अस्पताल में अभी तक निश्चेतक के पद पर नियुक्ति नहीं हुई है। निश्चेतक न होने के कारण मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पाती है। इस वजह से मरीजों को जिला अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा का लाभ न मिलने पर प्राइवेट में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि दोनों पदों पर सर्जन की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन निश्चेतक की नियुक्ति न होने के कारण अभी मरीजों के ऑपरेशन की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। निश्चेतक की नियुक्ति के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। जल्द ही निश्चेतक के नियुक्त होने की उम्मीद है।
नेत्र सर्जन नियुक्त, माइक्रोस्कॉप नहीं
शामली। जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन डॉ. शबीब की नियुक्ति काफी पहले हो चुकी है। लेकिन आंखों के ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है। इसकी वजह जिला अस्पताल में माइक्रोस्कॉप न होना है। माइक्रोस्कॉप न होने के कारण मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए मरीजों को मेरठ रेफर किया जाता है। सीएमएस डॉ. अंजू जोधा का कहना है कि माइक्रोस्कॉप के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। संवाद