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यमुना नदी में उफान से मुसीबत

Mon, 30 Jul 2018 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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झिंझाना के गांव मंगलौरा में यमुना का तटबंध टूटने के बाद पेड़ गिरा कर पानी रोकते किसान। - फोटो : अमर उजाला
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शामली के कैराना मे यमुना में हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया छह लाख क्युसेक पानी आने पर नदी का बहाव उफान पर है। यमुना नदी में उफान से आसपास के गांवों के लोगों के लिए मुसीबत पैदा हो गई है। पानी इतना अधिक है कि ड्रेनेज विभाग द्वारा बनाई गई सभी ठोकरें तोड़ यमुना का पानी तटबंध तक पहुंच गया। ऐसे में तटबंध को खतरा पैदा हो गया है। हालांकि विभाग तटबंध पर नजर रख रहा है। सोमवार को यमुना का जलस्तर 230.60 मीटर तक पहुंच गया। अधिकारियों ने बताया कि आसपास के गांवों के लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को 1,27,417 क्यूसेक, शनिवार को 5,03,937 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर कैराना यमुना पुल पर लगे मीटर पर 231,20 मीटर दर्ज किया गया था। हालांकि बीच-बीच में जलस्तर कभी घटता तो कभी बढ़ जाता था। वहीं, शनिवार शाम छह बजे हथिनीकुंड बैराज से 6 लाख 5 हजार 949 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद रविवार की शाम बैराज से यमुना में 1,15,939 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार सुबह तक पानी कैराना यमुना पुल तक पहुंच गया। इसके बाद यमुना का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ना शुरू हो गया। सोमवार सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर 40 सेंटीमीटर बढ़ कर 231.60 मीटर पर पहुंच गया। शाम को यमुना नदी का पानी घटकर 231.50 हो गया। दूसरी ओर, यमुना के जलस्तर में इजाफा होने के साथ पानी यमुना तट बांध तक पहुंच गया, जहां पर क्षेत्र के किसानों की खड़ी सैकड़ों बीघा फसलें यमुना के पानी में समा कर बर्बाद हो गई। साथ ही, तटवर्ती गांवों नंगलाराई, मोहम्मदपुर राई, हैदरपुर, मवी, पठेड, बसेडा, सहपत आदि गांवों में बांध तक यमुना का पानी पहुंचने से लोग बाढ़ की चिंता को लेकर दहशत में है। हथिनीकुंड बैराज से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह सात बजेे यमुना में 42,947 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। दोपहर एक बजे पानी की मात्रा बढ़कर 83,241 क्यूसेक पर पहुुंच गई। शाम तीन बजे और 4 बजे 29,564 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। नदी ने कटान किया तो बड़ी मुसीबत यमुना तटबंध तक पानी पहुंचा तो खतरा ही खतरा है। यदि यमुना ने कटान शुरू कर दिया तो विभाग के लिए इस कटान को रोकना बस के बात नहीं होगी। 2013 में जब बाढ़ आई थी तो उस वक्त कटान ही तटबंध टूटने का कारण बना था। इस कारण कई गांवों में पानी भर गया था और हजारों लोग घर से बेघर हो गए थे। मंगलौरा में यमुना नदी की ठोकर टूटी, फसलें हुई जलमग्न झिंझाना। यमुना नदी में आए उफान की वजह से झिंझाना क्षेत्र के गांव मंगलौरा में नदी की ठोकरें टूट गई, जिस कारण आसपास के खेतों में पानी घुस गया। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों को खेतों से चारा लेने के लिए भी दो से तीन फुट पानी से गुजरना पड़ रहा है। लगातार हुई बरसात के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़ा गया। धीरे धीरे यह पानी शामली जनपद में पहुंचने लगा, तो परेशानियां पैदा हो गई। रविवार देर रात झिंझाना क्षेत्र के गांव मंगलौरा में यमुना नदी की ठोकरें टूट गई, जिस कारण आसपास के खेतों में पानी घुस गया। सोमवार सुबह किसान अपने खेतों में पहुंचे, तो वहां फसलें जलमग्न मिलीं। किसान शिवकुमार, कविंद्र, अनिल, रविंद्र, राजकुमार, रणबीर, रामबीर, शोकिंद्र, बबीता, विमला, हरबीर आदि की लगभग सैकड़ों बीघा फसल नष्ट हो गई है। किसानों ने बताया कि खेतों में धान और गन्ने की फसल के अलावा पशुओं के चारा भी खड़ा था, जो यमुना नदी के पानी में डूब गया है। पशुओं के लिए खेतों से चारा लाना मजबूरी है, जिस कारण तीन से चार फुट गहरे पानी में होकर चारा लाना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यमुना नदी की ठोकरों को ठीक कराया जाए तथा फसल नष्ट होने पर किसानों को आर्थिक मुआवजा दिलाया जाए। उधर, एसडीएम ऊन कृष्णपाल तोमर के निर्देश पर हल्का लेखपाल सूरज मिश्रा और सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रणपाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी।
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