शामली। शहर में ट्रैफिक लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। कलक्ट्रेट के बाहर बाईपास चौराहा पर लगाई गई ट्रैफिक लाइट बंद जिस कारण वाहन दौड़ रहे है। बलवा बाईपास चौराहे पर ट्रैफिक लाइट जल तो रही है, लेकिन यहां भी वाहन नहीं रुक रहे हैं। दोनों जगहों पर चौराहे के कारण हादसे की आशंका रहती है, लेकिन यहां पुलिस कर्मी तक की ड्यूटी नहीं लगाई गई है।
कलक्ट्रेट बाईपास चौराहा
कलक्ट्रेट के बाहर बाईपास चौराहा पानीपत-खटीमा हाईवे और दिल्ली सहारनपुर हाईवे को जोड़ता है। यहां पर वाहनों का आवागमन ज्यादा होने और एक रास्ता कलक्ट्रेट में जाने के कारण चौराहे के बीच में गोल चक्कर बनाया गया है। इसके साथ ही यहां पर ट्रैफिक लाइटें भी लगाई गई है। दोपहर को चौराहे पर लाइट बंद थी। वाहन चौराहे पर चारों तरफ से इधर से उधर दौड़ रहे थे। उस समय चौराहे पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी या होमगार्ड भी नहीं था।
बलवा बाईपास चौराहा
बलवा बाईपास चौराहा पानीपत-खटीमा हाईवे और दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ता है। यहां भी रेड लाइट लगाई गई है, लेकिन वहां पर यातायात कर्मी या थाने का पुलिसकर्मी नहीं मिला। यहां पर ट्रैफिक लाइट चल रही थी, लेकिन चालक नियमों का उल्लंघन कर वाहनों को इधर से उधर निकाल रहे थे, जिससे हादसा होने का अंदेशा बना रहा।
ये बोले नागरिक
बनत निवासी आजाद ने कहा कि बाईपास चौराहों पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक लाइटें तो लगवा दी, लेकिन उनका पूरी तरह से प्रयोग नहीं हो रहा है। ज्यादातर समय लाइटें बंद पड़ी रहती है।
शामली निवासी अमित शर्मा का कहना है कि बाईपास चालू होने से हल्के व भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है। इससे चौराहों पर वाहनों के आपस में टकराने की आशंका रहती है।
कलक्ट्रेट चौराहे पर सुबह सात बजे से नौ बजे तक एक यातायात पुलिसकर्मी व एक होमगार्ड की ड्यूटी रहती है। उपलब्धता के आधार पर ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई जाती है। बलवा बाईपास चौराहे पर फिलहाल किसी यातायात पुलिसकर्मी की ड्यूटी नहीं है। ट्रैफिक लाइटें बिजली से चलती है। बिजली चले जाने के बाद लाइटें बंद रहती है।
- सुखविंद्र सिंह, जिला यातायात प्रभारी
हादसे को दावत शामली कलेक्ट्रेट पर यातायात सिग्नल खराब होने चारो तरफ से गुजरते वाहन । सं