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व्यापारी बोले: नोट बंद होने से बाजार की मंदी में आएगी कमी

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- ग्राहक बोले सरकार को यदि नोट बंद करना ही था तो बाजार में लाए क्यों
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। आरबीआई के दो हजार रुपये का नोट वापस लेने से व्यापारियों और उद्यमियों में खुशी की लहर है। क्योंकि बाजार में कई दिन से आ रही मंदी से अब हलचल होनी शुरू हो जाएगी। व्यापारियाें ने कहा कि अब नोट बंद होने से ब्लैक मनी बाहर आएगी, क्योंकि बाजार में सिर्फ पांच सौ रुपये का नोट ही चल रहा है। कुछ लोगाें ने दो हजार का नोट छिपाकर रखा है। लेकिन अब यह नोट बाहर आ जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि इससे काफी खुशी मिली है और यह नोट तो पहले ही बंद हो जाना चाहिए था। वहीं ग्राहकों का कहना है कि सरकार को यदि नोट बंद करना ही था तो बाजार में क्यों लाए। इससे आर्थिक व्यवस्था खराब होगी। एक तो पहले ही नोटबंदी ने लोगों की कमर तोड़ दी थी। अब फिर से दो हजार का नोट बंद करने की घोषणा कर दी। व्यापारियों और ग्राहकों से की गई बात के कुछ अंश।
व्यापारी नफीस अहमद ने कहा कि दो हजार का नोट काफी दिनों से बाजार से गायब चल रहा है और अब बंद होने से यह बाहर आएगा। वह सभी ग्राहकों से दो हजार का नोट लेंगे, क्योंकि उनको तो बैंक में ही जमा करना है। उनके यहां से कोई भी ग्राहक वापस नहीं जाएगा और सभी को सामान दिया जाएगा।
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व्यापारी भानू बंसल ने कहा कि नोटबंदी के बाद से बाजार में काफी मंदी चल रही थी। अब दो हजार का नोट बंद होने से एक बार फिर बाजार में हलचल आएगी और इससे बाजार की स्थिति सुधरेगी। कुछ लोगों ने जो ब्लैकमनी छिपा रखी है वह भी बाहर आएगी। यह नोट पहले ही बंद हो जाना चाहिए था।
ग्राहक पीयूष गोयल ने कहा कि नोटबंदी ने पहले ही गरीब लोगाें की कमर तोड़ रखी है। अब पता नहीं क्यों दो हजार का नोट बंद करने की नौबत आ गई। यदि ब्लैकमनी निकालनी है तो बडे़ उद्योगपतियों के यहां छापे मारे जाए, दो हजार का नोट बंद करके गरीब जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है।
ग्राहक आकाश कुमार का मानना है कि यह नोट बंद पहले ही बंद हो जाना चाहिए था। सरकार ने निर्णय देरी से लिया, लेकिन सही लिया। नोट बंद होने का असर गरीब जनता पर पड़ेगा। इससे उनको काफी दिक्कत का सामना करना होगा। गरीब व्यक्ति बड़ी मुश्किल से पैसा जोड़ता है, लेकिन उसको ही सरकार बाहर निकलवा देती है।
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भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा प्रबंधक विनीत कुमार ने कहा यदि बैंकों में अधिक भीड़ रही तो इसके लिए कैश काउंटर अलग से लगाया जाएगा। अभी आरबीआई से कोई स्पष्ट आदेश नहीं आया है और नोट बदलने का कार्य 23 मई से किया जाएगा। दो हजार के नोट 13 प्रतिशत ही बाहर है और इससे बैंकों में अधिक भीड़ नहीं रहेगी। क्योंकि बैंकों ने पहले से ही दो हजार का नोट देना बंद कर रखा है। अब बैंक से कोई भी नोट बाहर नहीं जाएगा। सरकार ने इस बार लंबा समय दिया है।
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