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आंधी और बारिश ने जिले में बरपाया कहर

Sat, 02 Jun 2018 11:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
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शुक्रवार शाम शामली में आई आंधी से सड़क के किनारे टूटा पड़ा पेड़। - फोटो : अमर उजाला
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शामली में शुक्रवार शाम आई आंधी से 200 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जिस कारण शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में पेय जल संकट हो गया। पानी के लिए महिलाओं को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। आंधी के कारण भारी संख्या में सैकड़ों पेड़, खंभे टूट गए। जगह-जगह होर्डिंग-बैनर उखड़ गए। शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे के बाद शुरू हुई आंधी और बारिश से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हो गए। कुड़ाना रोड पर ईंट भट्ठा पर जलभराव हो गया। कबाड़ी बाजार, विजय चौक, करनाल रोड, अजंता रोड पर पानी भर गया। आंधी से शहर की पंजाबी कालोनी में रखे हुए ट्रांसफार्मर की बेरिकेडिंग उखड़ गई। पूर्वी यमुना नहर की पटरी पर ग्राम मुंडेट खुर्द पर पेड़ उखड़ गए। मेरठ करनाल मार्ग पर आर के पीजी कालेज में पापुलर के पेड़ बिजली की लाइन पर टूटकर गिर गए। इसी मार्ग पर पीर के सामने बनी दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। एक विवाह मंडप का स्वागत द्वार और जगह-जगह होर्डिंग आंधी से गिर गया है। कैराना रोड, भैसवाल रोड पर वीपीपीजी कालेज परिसर में कई पेड़ धराशाई हो गए। झिंझाना क्षेत्र में आंधी से बिजली पोल में रखे ट्रांसफार्मर का जोड़ा उखड़ गया। उधर, कैराना में जगह-जगह लगे होर्डिंग-बैनर उड़ गए। शामली रोड पर जगनपुर के पास पुराना पेड़ टूटकर 11 हजारी लाइन के खंभे पर गिर गया जिस कारण विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। जिस कारण कैराना व आसपास देहात की विद्युत सप्लाई बंद हो गई। गांव मोहम्मदपुर राई में भी खंभे टूटे। वहीं, खंद्रावली रोड पर सड़क किनारे कई पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया था जिसे बाद में पेड़ हटवा कर आवागमन चालू कराया। पानीपत रोड कांधला-झिंझाना रोड पर भी जगह जगह पेड़ गिरे। शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। उधर आंधी के कारण आम के बाग के ठेकेदारों को भी काफी नुकसान हुआ। आम बाग के ठेकेदार हाजी सलीम, उमरदीन, हाजी शरीफ, नफीस उर्फ ढोला व आबिद ने बताया कि तूफान के कारण 20 से 25 प्रतिशत तक आम समय से पहले ही टूट गया जिस कारण उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है। उधर, विद्युत निगम के एसडीओ अरशद अली ने बताया कि आंधी के कारण भारी क्षति हुई है। देर रात तक सप्लाई शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 450 खंभे टूटे, 75 गांवों में अंधेरा बरकरार विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर ने बताया कि आंधी और बारिश से जिले के 200 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। 33 केवी की 40 लाइनें ठप हो गई और 450 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। जिनमें 415 खंभे सीमेंट और 35 खंभे लोहे के शामिल हैं। शनिवार शाम तक शहरी क्षेत्रों समेत 23 लाइनें चालू हो पाई हैं। जिले की 40 बिजली की 33केवी की लाइन ठप होने से 75 गांवों की बिजली आपूर्ति चालू नहीं हो पाई है। लाइन खराब होने वाले गांव के लोगों से अनुुरोध किया है कि वह अपने बिजली के अफसरों को संपर्क करके अपनी समस्याओं से अवगत करा सकते हैं। पेयजल संकट गहराया, हैंडपंपों का लिया सहारा शुक्रवार शाम आंधी और बारिश के बाद जिला मुख्यालय की ठप हुई बिजली आपूर्ति शनिवार दोपहर बाद बहाल हुई। बिजली आपूर्ति ठप होने से शहर में पेयजल संकट गहरा गया। पानी की किल्लत के लिए नगर पालिका जेनरेटर चलाकर पानी की आपूर्ति को बहाल नही कर पाई। शहर के मोहल्ला आर्यपुरी समेत कई मोहल्लों में महिलाओं को पानी के लिए हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। पानी के लिए हैंडपंपों पर महिलाओं की लाइनें लगी रही। आम की फसल को 30 प्रतिशत नुकसान पूर्वी यमुना नहर खंड के जिलेदार अंबुज कुमार ने बताया कि आंधी साथ आई 35 एमएम झमाझम बारिश रिकार्ड की गई है। गर्मी के मौसम की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई है। जिले के उद्यान अधिकारी सोमपाल सिंह ने बताया कि 30 प्रतिशत से ज्यादा आम की फसल को नुकसान हुआ है।
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