शामली। गर्मी व उमस के मौसम में वायरल बुखार के साथ गला भी जकड़ रहा है। गले में संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में बुखार के रोजाना करीब 400 मरीज आ रहे हैं। इनमें से आधे मरीज ऐसे हैं जिनको वायरल बुखार के साथ गला दर्द और संक्रमण की समस्या बन रही है। चिकित्सक बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में उतार चढ़ाव का सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बार-बार मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, नजला, खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। इसी के साथ गले में संक्रमण से पीड़ित मरीज भी बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी में 1300 से ज्यादा मरीज रोजाना आ रहे हैं। इनमें 400 के आसपास वायरल बुखार के होते हैं, जिनमें आधे मरीज बुखार के साथ गले में संक्रमण के आ रहे हैं। गला खराब होने से खाने पीने में भी मरीजों की समस्या बन रही है। जिला अस्पताल में नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. अंजलि तंवर ने बताया कि मौसम में बार-बार बदलाव के कारण गले में संक्रमण के केस बढ़ रहे हैं।
गले में संक्रमण होने के साथ ही वायरल बुखार हो जाता है। इससे बचाव के लिए ठंडी व खट्टी चीजों के खाने से परहेज करना चाहिए। उनका कहना है कि इस मौसम में आम नहीं खाना चाहिए। धूप व गर्मी से आए तो पसीना सुखाने के बाद पानी पीना चाहिए। अगर इस तरह की समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह से दवा लेनी चाहिए।
बोले मरीज
शांतिनगर निवासी सरोज ने बताया कि उसे चार दिन से बुखार आ रहा है। पहले गला में दुखन हुई। इसके बाद नजला व बुखार हुआ।
कलंदरशाह निवासी सलीम ने बताया उसे तीन दिन से वायरल बुखार है। इसके साथ ही गला भी खराब हो गया। खाते पीते भी समस्या बन रही है।
नौकुआ रोड निवासी प्रवीण ने कहा उसे बुखार के साथ गले में भी तेज दर्द है। पानी भी पीते है तो भी दर्द होता है। अब चिकित्सक को दिखाया है। चिकित्सक ने ठंडी व खट्टी चीजों को खाने से मना किया है।