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Shamli News: हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए तीन माह का इंतजार

Sat, 04 Nov 2023 12:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली जिला अस्पताल में पंजीकरण करवाने के लिये मरीजो की लगी लाइन
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शामली। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीजों को वायरल लोड की जांच कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों को तीन माह बाद की तारीख दी जा रही है। इसकी वजह ये है कि रोजाना हेपेटाइटिस के नए मरीज सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में ट्रू नेट मशीन पर एक दिन में 10 सैंपल की ही जांच हो पाती है। इस समस्या के समाधान के लिए सीएमएस ने ऊन में रखी ट्रू नेट मशीन जिला अस्पताल को उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा है।
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जिला अस्पताल में करीब दो माह पहले हेपेटाइटिस सी व बी के मरीजों के वायरल लोड की जांच शुरू हुई थी। वायरल लोड की जांच के लिए कुड़ाना सीएचसी में रखी ट्रू नेट मशीन को जिला अस्पताल में उपलब्ध कराया गया। इस ट्रू नेट मशीन पर एक बार में एक ही सैंपल की जांच होती है। एक सैंपल की जांच में एक घंटे से ज्यादा समय लगता है। इस तरह से दिनभर में 10 से 12 सैंपलों की ही जांच हो पाती है। इसका नतीजा ये है कि जिला अस्पताल की पैथेलॉजी पर वायरल लोड की जांच का बोझ लगातार बढ़ता रहा है।
हर महीने लगभग 250 नए मरीज सामने आ रहे हैं। वायरल लोड की जांच के लिए आने वाले मरीजों की तारीख लगातार बढ़ती जा रही है। अब मरीजों को चार फरवरी की तारीख दी जा रही है यानि मरीज को जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच कराती है, तो उसे तीन माह इंतजार करना पड़ेगा। जब तक जांच नहीं होगी तब तक मरीज की दवा शुरू नहीं हो सकती। इस तरह से जांच समय पर न होने से मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में अधिकतर मरीजों को प्राइवेट लैब में महंगा शुल्क देकर जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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ऊन सीएचसी पर रखी ट्रू नेट मशीन उपलब्ध कराने को सीएमओ को भेजा पत्र
ऊन सीएचसी पर ट्रू नेट मशीन रखी हुई है, लेकिन वहां पर पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण मशीन का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इस मशीन में एक बार में दो सैंपल की जांच होती है। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा ने बताया कि ऊन सीएचसी पर रखी ट्रू नेट मशीन को उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ डॉ. संजय अग्रवाल को पत्र भेजा गया है। सीएमएस का कहना है कि अगर उन्हें यह ट्रू नेट मशीन मिल जाती है तो दो मशीन हो जाएगी। दोनों मशीन पर एक दिन मेंं तीन गुना सैंपल यानि 30 सैंपलों की जांच हो सकेगी। इससे मरीजों की जांच जल्द होगी और पैथोलॉजी पर सैंपलों के लंबित होने का बोझ भी कम होगा।
कैराना निवासी शाहिद ने बताया वह अस्पताल में वायरल लोड की जांच कराने आया था, लेकिन जांच की तारीख बाद की दी जा रही थी। इस पर उसने प्राइवेट में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच कराई थी। अब करीब एक माह से दवा के लिए अस्पताल के चक्कर काट रहा हूूं, लेकिन दवा नहीं मिल रही है।
कांधला क्षेत्र निवासी कोमल ने बताया वह हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच कराने पहले अस्पताल में आई थी, लेकिन यहां जांच कराने के लिए इंतजार करने की बात कही गई। इसके बाद उसे प्राइवेट में जांच करानी पड़ी।
कैराना निवासी सरफराज ने बताया कि वह 15 दिन पहले वह जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की जांच कराने आया था। वहां पर उसे तीन माह बाद की तारीख दी गई। इसके बाद उसे मजबूरी में प्राइवेट में जांच करानी पड़ी।
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