शामली जिला अस्पताल में हेप्पीटाईटिक्स की जांच कराने के लिये लगी भीड
शामली। जिला अस्पताल में डेढ़ माह से किट खत्म होने के कारण हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच बंद चल रही है। अब मरीजों के वायरल लोड की जांच मेरठ मेडिकल में होगी। इसके लिए अब जिला अस्पताल में प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को मरीजों के सैंपल लिए जाने की व्यवस्था बनाई गई है। सैंपल देने के लिए वैसे तो मरीजों की लाइन लगी थी, लेकिन बीच-बीच में पहले सैंपल देने के लिए मरीजों में आपस में धक्का मुक्की भी हुई, जिससे शोर शराबे की स्थिति बनी रही। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने 109 मरीजों के सैंपल लिए।
जिले में हेपेटाइटिस के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। हर महीने लगभग 250 नए मरीज सामने आते हैं। इनमें ज्यादातर मरीज हेपेटाइटिस सी से पीड़ित होते हैं। जिले में इस समय लगभग 700 मरीज सक्रिय चल रहे हैं। जिला अस्पताल में 25 जनवरी को वायरल लोड की जांच किट खत्म होने के बाद जांच बंद हो गई थी। शासन से जो बजट मिला था, उसके खत्म होने के कारण सीएमओ कार्यालय स्तर से किट नहीं खरीदी जा सकी। नया बजट आने में अभी लंबा समय लगने के कारण मरीजों के वायरल लोड की जांच के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार को जिला अस्पताल में शिविर लगाकर मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे। इसके बाद जांच के लिए उन्हें मेरठ मेडिकल भेजा जाएगा। नई व्यवस्था के पहले दिन सुबह आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। सैंपल देने के लिए आए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही और आपाधापी का माहौल बना रहा। पहले दिन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक 119 मरीजों के सैंपल लिए गए। दोपहर 12 बजे के बाद आने वाले करीब 15 मरीजों को सैंपल दिए बिना ही वापस जाना पड़ा। उन्हें अगले शुक्रवार को सैंपल देने के लिए आने को कहा गया है। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा ने बताया हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए हर शु्क्रवार को सैंपल लिए जाएंगे। सैंपलों को जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजा जाएगा। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को दवा देकर उपचार शुरू किया जाएगा।
पूर्व में तीन दिन बाद मिलती थी जांच रिपोर्ट, अब करना पड़ेगा इंतजार
जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीजों के वायरल लोड की जांच कराने के लिए मरीजों के सैंपल लेने की व्यवस्था तो बना दी गई, लेकिन मरीजों की समस्या अभी पूरी तरह से कम नहीं हुई है। मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए एक माह से अधिक समय का इंतजार करना पड़ेगा। जिला अस्पताल में सैंपल को मेरठ मेडिकल भेजा जाएगा। बताया गया है कि मेरठ मेडिकल में सैंपलों का दबाव अधिक रहता है, इस कारण जांच रिपोर्ट आने में वक्त लगेगा। बताया गया है जब जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से वायरल लोड की जांच की जा रही थी, तब रिपोर्ट तीन दिन में मरीजों को मिल जाती थी।