शामली। जनपद में एक स्कूल ऐसा भी है जिसमें एक भी कमरा नहीं है और बच्चे पिछले आठ माह से धूप और बारिश को झेलते हुए स्कूल के मैदान में ही पढ़ाई करने को मजबूर है। इस ओर न तो शिक्षा अधिकारियों का कोई ध्यान है और न ही सरकार का।
सरकार और शिक्षा विभाग जनपद में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर पीएमश्री, मॉडल स्कूल और कंपोजिट स्कूल चयन कर अच्छी शिक्षा का कितना ही दावा कर लें, लेकिन कांधला क्षेत्र के गांव हुरमजपुर का मजरा गांव शाहपुर का स्कूल सभी दावों की पोल खोल रहा है। स्कूल में कोई कमरा तक नहीं है। शिक्षक खुले मैदान में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। रसोईघर को प्रधानाध्यापक द्वारा कार्यालय बना रखा है।
प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में सभी कक्षाओं में नौ बच्चे पंजीकृत है। इनके लिए दो शिक्षक हैं। स्कूल का भवन जर्जर हालत में होने के कारण फरवरी माह में विभाग ने ध्वस्त करा दिया था, उसके बाद से बच्चे मैदान में ही बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है। अधिकारियों को कई बार बताया जा चुका है, लेकिन अधिकारियों ने अन्य स्थान पर बच्चों के पढ़ने की कोई व्यवस्था नहीं कराई है।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जर्जर भवनों का फरवरी माह में ध्वस्तीकरण कराया गया था, लेकिन इसके बाद कोई बजट नहीं आया है। खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी करते हुए बच्चों की अन्य स्थान पर पढ़ाई कराने की व्यवस्था कराई जाएगी।
- लता राठौर, बीएसए