शामली। हरियाली तीज पर नई नवेली दुल्हनों ने गौरी व्रत रखा। हरी चूडियां पहनकर शिव पार्वती की पूजा अर्चना की। घरों में झूला झूला। सावन के गीत झूला तो पड़ गए अमुआ की डाली पर... गाकर सावन की मस्ती ली। घरों में नए पकवान बनाए। नई नवेली दुल्हन की सुसराल से हरियाली तीज पर सिंधारे को प्रसाद के रूप में मौहल्ले में बांटा गया।
हरियाली की तीज पर मान्यता है कि नई-नई दुल्हन और महिलाएं पूरे दिन का व्रत रखती है। शिव पार्वती की विधि विधान से पूजा अर्चना करके सुहाग की लंबी आयु की कामना करती है।ससुराल और बहनों के भैया के घरों से सिंधारा आने की परंपरा है। तीज पर सिंधारा के रूप में घेवर, कपडे, श्रृंगार का सामान, झूला की रस्सी आदि सामान आता है। इस बार की हरियाली तीज बुधवार को मनाई गई। महिलाओं ने हाथों पर मेहंदी सजाई। सिंधारे में आए घेवर- गुंजियां आदि मिठाई को मोहल्ले में प्रसाद के रूप में बांटा गया।