-ऊंचा गांव में चिह्नित भूमि कम बताकर प्रस्ताव किया गया निरस्त
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शामली। जिले में कई बार भीषण अग्निकांड हो चुके हैं। अग्निकांड की हर बड़ी घटना पर दमकल विभाग हांफ जाता है। इसका कारण संसाधनों का न होना है। सोमवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी के गोदाम में लगी आग के बाद अग्निशमन विभाग हांफ गया। आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
जिले में एकमात्र फायर स्टेशन शामली में है। यहां पर चार दमकल वाहन और दो पंप उपलब्ध हैं। क्षेत्रफल के लिहाज से शामली से लेकर ऊन, थानाभवन, कांधला क्षेत्र तक कहीं पर भी आग लगने पर शामली से ही दमकल वाहन भेजे जाते हैं। बड़ा अग्निकांड हो जाए तो यह व्यवस्था नाकाफी साबित होती है। कैराना कोतवाली में एक फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी खड़ी रहती है। शासन के निर्देश पर प्रत्येक तहसील क्षेत्र में फायर स्टेशन की स्थापना होनी है, जिससे अग्निकांड पर हानि होने से बचाई जा सके। पिछले दो साल से तहसील प्रशासन ने फायर स्टेशन के लिए रामड़ा रोड, मायापुर रोड, औद्योगिक क्षेत्र कंडेला और ऊंचागांव में भूमि देखी थी, जिसके बाद ऊंचागांव में प्रशासन ने सरकारी भूमि चिह्नित की थी। इसे बाद में अग्निशमन विभाग ने कम बताकर इसका प्रस्ताव निरस्त कर दिया। बताया गया कि अग्निशमन केंद्र के लिए 42 सौ मीटर भूमि की आवश्यकता है। प्रशासन ने 32 सौ मीटर भूमि ही उपलब्ध कराई थी।
उद्यमी वर्षों से उठाते आ रहे हैं मांग
शहर कोतवाली स्टेशन के पास फायर स्टेशन से जिले के अन्य क्षेत्रों में दमकल की गाड़ी जाने में काफी समय लगता है। तब तक बड़ा नुकसान हो जाता है। शामली इंडस्ट्रीज एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि कई बार उद्यमियों की ओर से प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्र के आसपास अग्निशमन केंद्र की स्थापना की मांग की जा चुकी है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के आसपास ही अग्निशमन केंद्र की स्थापना होनी चाहिए।