फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: डेरा मानकपुर में मार्ग खस्ताहाल, गंदगी से लोगों का जीना मुहाल

Wed, 13 Sep 2023 12:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
गढ़ीपुख्ता। गांव मानकपुर के मजरे डेरा मानकपुर में मार्गों पर जहां गंदगी का अंबार है। वहीं, कई मार्गों के कच्चा होने के कारण बरसात में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी होती है। आवागमन में वाहन ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी निकासी की सुविधा नहीं होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों के बाहर भरा रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने की भी बात कहीं है। कुछ जगह बिजली के खंभे तो लगा दिए गए मगर तार नहीं बिछाए गए।
विज्ञापन

मानकपुर डेरा में 1100 वोट के करीब हैं। विभागीय अधिकारियों की उपेक्षा के कारण ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों ने उचित साफ सफाई, र्गों के निर्माण, स्ट्रीट लाइटें लगवाने की मांग की है।

ग्रामीण खुद करते हैं सफाई
गांव के विक्रम कहते हैं कि गांव में सफाईकर्मी नहीं है। पूरे गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है। नाली गंदगी से भरी रहती है। ग्रामीण खुद सफाई करने को मजबूर है।
विज्ञापन


बिजली के खंभों पर तार नहीं

ग्रामीण संजय ने बताया कि गांव में कई जगह बिजली के खंभे तो हैं पर उन पर तार नहीं लगाए गए हैं। लोग अपने निजी तार डालकर कनेक्शन चला रहे हैं। यही नहीं, अधिकतर बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट की भी सुविधा नहीं दी गई है।


घरों के बाहर भरा रहता है गंदा पानी
ग्रामीण सीताराम ने बताया कि गांव में आज तक ना कोई तालाब निर्माण या नाला निर्माण कार्य नहीं हुआ है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर ही भरा रहता है। या आसपास के किसान के खेतों में गंदा पानी जाता है।



कई ग्रामीण गिरकर हो चुके घायल
ग्रामीण सतपाल ने बताया कि गांव से जोड़ने वाली मुख्य सड़क टूटी पड़ी है। कई ग्रामीण हादसों में घायल हो चुके हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद भी कोई समाधान नहीं हुआ है।

कई ग्रामीण झोपड़ी में रहने को मजबूर
ग्रामीण विजय कुमार ने बताया कि गांव में कई मकान कच्चे हैं। कई मकानों की छत बरसात के कारण गिर गई। ग्रामीण झोपड़ी में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं।
गांव में छह महीने से कोई सफाई कर्मी की नियुक्ति नहीं है। जिसके कारण परेशानी हो रही है। गांव में बजट आते ही विकास कार्य कराए जाएंगे। प्रयास रहेगा कि ग्रामीणों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाए।
विज्ञापन



-अरविंद कुमार कश्यप, ग्राम प्रधान
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें