जलालाबाद क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी में आयोजित सालाना जलसे में उपस्थित लोग
शामली, झिंझाना। कस्बे के मदरसा नूरिया में बृहस्पतिवार रात सालाना जलसे में सात बच्चों को हाफिज ए कुरान बनने पर दस्तारबंदी की गई। जलसे में आए देवबंद के मौलानाओं ने कौम को खिताब करते हुए दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम दिलाने पर जोर दिया।
जलसे में देवबंद से आए मुफ्ती रियासत ने कहा कि मुसलमानों पर जितनी भी मुसीबतें आ रहीं हैं, वे हमारी गलतियों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आज मुसलमान कुरान और नमाज से दूर होता जा रहा है। कुरान पूरी दुनिया के लिए हिदायत की किताब है। उन्होंने बच्चों को कुरान की तालीम दिलाने पर जोर दिया। शामली जमीअत उलमा ए हिंद के सदर मौलाना आकिल ने कहा कि एक रोटी कम खाएं, लेकिन अपने बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दोनों जरूर दिलाएं। जलसे में मुफ्ती रियासत ने भी लोगों को संबोधित किया। जलसे की निजामत मौलाना आजम कासमी ने की। हाफिज ए कुरान हुए सात बच्चों को पगड़ी पहनाकर पुरस्कृत किया। जलसे के समापन पर देश में एकता अखंडता के लिए दुआ कराई गई। मदरसे के मोहतमिम कारी वकील उर रहमान ने जलसे में आए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।