- कंपनी की पहचान हटाने के लिए एफएसएसएआई ने नियमों किया बदलाव
- मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने भेजे जाते है जांच को
- प्रयोगशाला लैब में कंपनी जांच में नहीं कर पाएगी किसी तरह की छेड़छाड़, नहीं होगा संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। अब जांच के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थों के सैंपल पर किसी भी कंपनी का नाम नहीं होगा। सैंपल को नाम हटाकर प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। यह कंपनी की पहचान हटाने के लिए एफएसएसएआई ने नियमों में बदलाव कर बड़ा निर्णय लिया है। जिससे प्रयोगशाला में जाने वाले सैंपलों से कंपनी किसी भी तरह का संपर्क कर जांच में छेड़छाड़ न करा सके।
मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। प्रयोगशालाओं में जांच के बाद इनकी रिपोर्ट भेजी जाती है। नमूनों में नामचीन कंपनियों के खाद्य पदार्थ से लेकर गैर ब्रांड वाले खाद्य पदार्थ के नमूने भी शामिल रहते हैं। अब तक ये नमूने कंपनी द्वारा की गई पैकिंग में यथावत ही भेजे जाते थे। ऐसे में प्रयोगशाला में नमूने को जांच करने वाले कर्मचारियों को इसकी जानकारी रहती थी कि संबंधित नमूना किस कंपनी का है। इससे जांच प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। इसे देखते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया) ने एक अहम बदलाव किया है। अब खाद्य पदार्थ का नमूना जांच पर भेजते समय उस पर दर्ज कंपनी का नाम मिटा दिया जाएगा, ताकि ये गोपनीय रहे कि आखिर नमूना किस कंपनी से संबंधित है। इससे सभी नमूनों की जांच में पारदर्शिता बनी रहेगी। सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को अब नए नियम के अनुसार ही नमूने प्रयोगशाला भेजने के आदेश दिए गए है।
कंपनियां भी नहीं कर सकेंगी प्रभावित
कई बाहर खाद्य पदार्थ विक्रेता कंपनियों पर भी जांच प्रभावित कराने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में जब कंपनी का नाम ही नमूने पर दर्ज नहीं होगा तो कंपनियां भी अपने रसूख का फायदा उठाकर नमूने की जांच को प्रभावित नहीं कर सकेंगी। अगर प्रयोगशाला के विश्लेषक भी चाहें तो भी वे इसे प्रभावित नहीं कर पाएंगे, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होगा कि कौन सा नमूना किस कंपनी का है।
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एफएसएसएआई ने नियमों में जो बदलाव किया है उसके अनुसार ही जांच के लिए नमूना भेजा जाएगा। इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं हो सकेगी। अब वह जो भी नमूना ले रहे है, उसपर से कंपनी का नाम हटाकर जांच के लिए भेज रहे हैं। - मनोज तोमर, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामली
दीपक गुप्ता