संवाद न्यूज एजेंसी
बाबरी। ऋण की किश्त जमा न करने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने दिव्यांग के साथ बदसलूकी कर दी। जिससे आहत होकर दिव्यांग ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना क्षेत्र के गांव बुटराड़ा निवासी दिव्यांग 52 वर्षीय संजीव कुमार अपनी दिव्यांग पत्नी अमरेश और तीन बच्चों के साथ जीवन यापन कर रहा था। कुछ दिन पहले संजीव की पत्नी ने गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से समूह लोन लिया था। जिसकी हर सप्ताह किश्त जमा करनी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह कंपनी का कर्मचारी अनुज संजीव के घर पर किश्त के 1450 रुपये लेने पहुंचा। संजीव और अमरेश ने शाम तक किश्त जमा करने की बात कही। जिस पर कलेक्शन एजेंट अनुज ने किश्त न देने पर घर पर ताला लगाने की चेतावनी दी। इस दौरान संजीव के साथ बदसलूकी भी की। इसके बाद कलेक्शन एजेंट चला गया।
इसके बाद बाकी 44 महिलाओं ने अपने पास से पैसे एकत्र कर अमरेश की 1450 रुपये की किश्त जमा की। दोपहर में संजीव ने कलेक्शन एजेंट के रवैये से आहत होकर विषैले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन संजीव को शामली चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर बाबरी पुलिस ने मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाबरी थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक कोई तहरीर नहीं आई है। परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
परिवार के पास आय का नहीं कोई साधन
संजीव के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उसकी पत्नि अमरेश भी दिव्यांग है। इसके अलावा दो पुत्र 14 वर्षीय रोहन, 12 वर्षीय लविश और एक पुत्री 6 वर्षीय गुंजन हैं। परिवार की आजीविका का कोई साधन नहीं है। संजीव की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
बाबरी। क्षेत्र के गांव निवासी एक 18 वर्षीय युवती दुर्गा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना पर बाबरी थाना पुलिस व सीओ श्रेष्ठा ठाकुर मौके पर पहुंची। युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। संवाद