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Shamli News: सात साल से हंगामे के बाद ही मिल कर रही किसानों का भुगतान

Sat, 03 Feb 2024 02:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। एशिया की नामचीन शुगर मिलों में गिनी जाने वाली शामली की अपर दोआब शुगर मिल घाटे में जाने के कारण पिछले सात साल से किसानों के गन्ना भुगतान में देरी कर रही है। इससे पूर्व शुगर मिल हर साल समय पर ही किसानों का गन्ना भुगतान करता था। मिल को बेचने के बाद सवाल यह उठता है कि किसानों का बकाया भुगतान किया जाएगा या फिर नहीं? और भुगतान कौन करेगा? किसानों और अन्य लोगों के दिमाग में भी यह सवाल घर कर रहा है। हालांकि किसान खरीददार से बकाया भुगतान लेने की बात कह रहे हैं।
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अपर दोआब शुगर मिल की स्थापना वर्ष 1931 में की गई थी। जबकि मिल 1933 में चालू हुई थी। मिल से करीब 75 हजार शामली और आसपास क्षेत्र के किसान जुड़े हुए हैं। मिल की पेराई क्षमता करीब 75 हजार क्विंटल है, जिसमें से मिल 50 हजार क्विंटल से अधिक की पेराई करता है। मिल एशिया की सबसे पुरानी मिलों में गिनी जाती थी। 10 माह पूर्व विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में डीएम की मौजूदगी में किसानों में बकाया गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाया था। कहा था कि वर्ष 2017 से देरी से गन्ना भुगतान किया जा रहा है। वर्ष 2017 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 17 दिन तक धरना दिया था। इसके बाद वर्ष 2018 में बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक के नेतृत्व में किसानों ने कलक्ट्रेट पर 19 दिन तक धरना दिया था। जिसके बाद किसानों को बकाया 120 करोड़ का भुगतान दिया गया था। वर्ष 2018 में ही बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने 12 दिन तक धरना दिया था। 2020 में 13 से 30 जनवरी तक किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना दिया। 2022 में तहसील में किसानों ने 6 दिन तक धरना दिया था। इसके बाद 2023 में 95 दिन तक धरना दिया गया। डीएम की मौजूदगी में हुई बैठक में शुगर मिल के मालिक रजत लाल ने मिल को बेचकर किसानों का गन्ना भुगतान करने की बात कहीं थी।

खरीदार से वसूलेंगे बकाया भुगतान
किसान नेता संजीव शास्त्री लिलौन का कहना है कि यदि शामली चीनी मिल बिका तो मिल के नए खरीदार से किसान अपना बकाया गन्ना भुगतान वसूलेगा। खरीदार को यह बात समझ लेनी चाहिए कि शामली चीनी मिल के मालिक पर किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों का कितना रुपया बकाया है।
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किसान मिल से लेंगे पूरा भुगतान
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सवित मलिक का कहना है कि पिछले सत्र का किसान पूरा भुगतान मिल से लेकर रहेगा। उम्मीद है कि मिल बिकने के बाद किसानों को बकाया भुगतान मिल सकेगा।

यह है नियम
शामली गन्ना समिति के सचिव मुकेश राठी का कहना है कि मुजफ्फरनगर जिले की तितावी चीनी मिल को आईपीएल ग्रुप ने खरीदा था। आईपीएल ग्रुप ने ही किसानों का भुगतान किया था। सहारनपुर मंडल के उप गन्ना आयुक्त ओपी सिंह का कहना है कि नियम यह है कि खरीदार ही किसानों का भुगतान करता है।
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