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Shamli News: जिले में एंबुलेंस में फर्जी मरीज दर्शाने का चल रहा खेल

Thu, 08 Aug 2024 03:50 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। 102 एंबुलेंस के कुछ कर्मचारियों द्वारा फर्जी तरीके से एंबुलेंस में मरीज दर्शाने का खेल चल रहा है। एंबुलेंस के कुछ कर्मचारी मरीजों के तिमारदारों को बहकावे में लेकर फर्जी इवेंट बना सरकार को चूना लगा रहे हैं। अस्पताल में यदि निजी वाहन में किसी गर्भवती को लाया गया है तो कर्मचारी परिजनों को बहकावे में लेकर खुद ही लखनऊ कॉल कर मरीज को एंबुलेंस में लाना दर्शाते हैं
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शामली में इस तरह के केस सामने आ रहे हैं। पीड़ितों ने 102 एंबुलेंस प्रभारी और स्वास्थ्य अधिकारियों से मामले की शिकायत की। सीएचसी प्रभारी ने गोलमाल करने वालों की रिपोर्ट एंबुलेंस के अधिकारियों को भी भेजी है।

इस तरह के मामलों की बानगी....
केस-1

दाउदपुर के रहने वाले गुरमीत ने ऊन के सीएचसी प्रभारी को शिकायत करते हुए बताया कि उसकी पत्नी ममता की डिलीवरी 25 जुलाई को हुई थी। पत्नी को मैं अपने वाहन से ही अस्पताल लेकर गया और अस्पताल से छुट्टी होने के बाद खुद ही अपने वाहन से लेकर आया। इसके बावजूद एंबुलेंस नंबर यूपी 32ईजी 6941 व दूसरी एंबूेंस यूपी 32 ईजी 1858 के कर्मचारी ने मेरे से मोबाइल लेकर लखनऊ हेल्पलाइन पर कॉल की और गर्भवती को एंबुलेंस से छोड़ने की बात कहीं। सरकारी एंबुलेंस का दुरुपयोग किया जा रहा है। कार्रवाई की मांग की है।
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केस-2

टोडा गांव के रहने वाले विकास गिल ने शिकायत करते हुए बताया कि अपनी भाभी शिवानी को डिलीवरी के लिए अस्पताल में अपनी कार से लेकर गया था। छुट्टी होने के बाद खुद ही कार से ही भाभी को लेकर घर गया। इसके बावजूद 102 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने बहन से मोबाइल लेकर हेल्पलाइन पर कॉल कर भाभी को एंबुलेंस से लाने की सूचना लखनऊ दर्ज कराई। बाद में कॉल आने पर मामले का पता लगा। एंबुलेंस के अधिकारियों से भी मामले की शिकायत की मगर कोई सुनवाई नहीं की जा रही।
वर्जन
मामलों की शिकायतें मिली हैं। गोलमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई होगी। - ललित मोहन, प्रभारी 102 एंबुलेंस

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जानिए... क्या होता है इवेंट

102 और 108 एंबुलेंस से अस्पताल या फिर घर पर छोड़े गए मरीजों को इवेंट बोला जाता है। रजिस्टर में भी इसे इवेंट के नाम पर ही दर्ज किया जाता है।



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डिलीवरी के फर्जी इवेंट बनाने के मामलों की शिकायत मिली है। जांच में सामने आया कि परिजन खुद ही गर्भवती को अस्पताल लेकर गए थे। कर्मचारियों ने तिमारदार का मोबाइल लेकर कॉल भी की। आवश्यक कार्रवाई के लिए एंबुलेंस प्रभारी को पत्र लिखा गया है। एंबुलेंस का पेमेंट भी रुकवाया जाएगा। - डाॅ. तरुण कुमार, सीएचसी प्रभारी ऊन



ऑडियो रिकॉर्डिंग में बोला कर्मचारी, पूरे प्रदेश में चल रहा यह खेल
शिकायतकर्ता और एंबुलेंस कर्मचारी की बातचीत की दो ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें कर्मचारी कह रहा है कि यह खेल पूरे प्रदेश में चल रहा है।




एंबुलेंस कर्मचारियों का एक रूप यह भी...

लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभा रही 102 और 108 एंबुलेंस

भले ही शामली में कुछ कर्मचारी फर्जी मरीज दर्शाकर सरकार को चूना लगा रहे हो मगर एंबुलेंस हर माह 100 से अधिक गंभीर अवस्था वाले लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। सड़क हादसों से लेकर गर्भवती और अन्य मामलों में घायलों को अस्पताल पहुंचाती हैं।



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इन्होंने कहा.....
एंबुलेंस सेवा के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - रविंद्र सिंह, डीएम
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..फैक्ट फाइल...
जिले में संचालित 102 एंबुलेंस - 15

जिले में संचालित 108 एंबुलेंस - 11
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