कैराना (शामली)। किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने दोष सिद्ध होने पर मुजरिम मेहरबान निवासी गांव बोड़पुर थाना गंगोह जनपद सहारनपुर को आजीवन कठोर कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान, विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र मलिक और कोर्ट मोहर्रिर पवन कुमार ने बताया कि 11 जुलाई 2021 को झिंझाना थाना क्षेत्र के एक गांव से एक 15 वर्षीय किशोरी को बहला फुसला कर ले जाने के मामले में किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 27 जुलाई को पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के साथ ही मुजरिम मेहरबान को गिरफ्तार कर लिया था। किशोरी द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर मुकदमे में दुराचार की धारा का इजाफा किया गया था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह पेश किए गए। मंगलवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने दोष सिद्ध पाये जाने पर मुजरिम मेहरबान को आजीवन कठोर कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।