- 15 अप्रैल को थानाभवन और शामली 30 अप्रैल को होगी बंद
- चोटी भेदक ने 15 से 20 फीसदी घटाया गन्ने का उत्पादन,
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस साल गन्ने की फसल में चोटी भेदक बीमारी आने से गन्ने का उत्पादन 15 से 20 फीसदी घटा है। जिससे चीनी मिलों का साढ़े छह माह चलने वाला पेराई सत्र 15 से 20 दिन पहले समाप्त हो जाएगा। गन्ने की कमी के चलते थानाभवन चीनी मिल आगामी 15 अप्रैल, ऊन चीनी मिल बीस अप्रैल तक बंद हो जाएगी। शामली चीनी मिल भी 30 अप्रैल तक चल पाएगी।
पिछले वर्ष 2021-22 में थानाभवन चीनी 26 अप्रैल को 127.08 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हो गई थी। शामली चीनी मिल 16 मई को 107.51 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हुई थी। ऊन मिल 30 अप्रैल को 97.49 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई करके बंद हो गई थी। इस साल शामली और थानाभवन चीनी मिल ने एक नवंबर और ऊन चीनी मिल ने दस नवंबर को पेराई सत्र शुरू किया था। शामली चीनी मिल का पेराई सत्र बॉयलर की खराबी, टरबाइन क्षतिग्रस्त होने प्रभावित हुआ।
गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साढ़े तीन माह के इस पेराई सत्र में शामली चीनी मिल 54.98 लाख क्विंटल, ऊन चीनी मिल 61.61 लाख क्विंटलऔर थानाभवन चीनी मिल 87.70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। थानाभवन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक लेखपाल सिंह ने बताया कि थानाभवन चीनी मिल ने साढ़े तीन माह के पेराई सत्र में पिछले साल की तुलना में 12 लाख क्विंटल गन्ना अधिक पेराई किया है। उनकी चीनी मिल 90 लाख क्विंटल प्रतिदिन पेराई क्षमता के सापेक्ष 85 लाख क्विंटल पर चल रही है। इस बार टॉपबोरर बीमारी आने से गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इस साल मिल 15 अप्रैल को अपना पेराई सत्र समाप्त कर देगी। चीनी मिल को 1.35 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य मिला है। जबकि पिछले साल 1.27 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। गन्ने की कमी के चलते चीनी मिल का पेराई सत्र समय से पूर्व खत्म हो जाएगा।
दूसरी ओर शामली चीनी मिल को पिछले साल 1.07 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई करके 16 मई को बंद हुई थी। इस बार मिल के पास दो खरीद केंद्रों का गन्ना खतौली चीनी मिल को हस्तांतारित हुआ है। शामली चीनी मिल के यूनिट हेड प्रदीप सल्लार और एजीएम दीपक राणा के मुताबिक चीनी मिल को 90- 95 लाख क्विंटल गन्ना मिल सकता है। मिल मई के प्रथम सप्ताह में अपना पेराई सत्र पूरा कर सकती। ऊन चीनी मिल के गन्ना सचिव अजित कुमार के मुताबिक ऊन चीनी मिल का बेसिक कोटा 1.18 करोड़ क्विंटल है। पिछले साल मिल 97.49 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करके बंद हो गई थी। इस साल चीनी मिल को 90-95 लाख क्विंटल गन्ना मिल सकता है।
चोटी भेदक से कम हुआ उत्पादन
डीसीओ विजय बहादुर सिंह के मुताबिक शामली चीनी मिल को छोड़कर जिले की ऊन और थानाभवन चीनी मिल 15 से लेकर 20 अप्रैल में बंद हो जाएंगी। पिछले सालों की अपेक्षा इस बार गन्ने की फसल में चोटी भेदक बीमारी लगने से गन्ने का उत्पादन प्रभावित हुआ है। जिससे जिले की चीनी मिलों का पेराई सत्र आगामी तीस अप्रैल तक सिमट जाएगा।
200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने की फसल प्रभावित
कृषि विज्ञान केंद्र जलालपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक के मुताबिक जिले में एक हेक्टेयर में एक हजार क्विंटल गन्ना उपज का औसत है। इस साल चोटी भेदक बीमारी लगने से 750- 800 क्विंटल गन्ने की उपज निकल रही है। 200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन घटा है।
शामली जिले की उत्पादकता का आंकड़ा
साल उत्पादकता (क्विंटल प्रति हेक्टेयर)
वर्ष 2020- 21 990 क्विंटल
वर्ष 2021- 22 1004 क्विंटल
वर्ष 2022-23 1014 क्विंटल
वर्ष 2023-24 आंकड़ा अभी अप्राप्त