फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से मौसम में ठिठुरन बढ़ी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

विज्ञापन
शामली बारिश में छाता लगा कर गुजरती महिला। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
बारिश से मौसम में ठिठुरन बढ़ी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
विज्ञापन

शामली। पिछले तीन दिनों से रुक-रुक बारिश होने से मौसम ठंडा हो गया है। जिले मे बूंदाबांदी रविवार को जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। बारिश से शरद कालीन गन्ना और आलू की बुवाई पिछड़ रही है। धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में 16 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
तीन दिन पूर्व पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव होने से आकाश में बादल और हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई। शनिवार पूरी रात रुक-रुक हुई बूंदाबांदी रविवार सुबह दस बजे तक जारी रही। बूंदाबांदी से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। आकाश में बादल छाए रहे ठंडी हवा चलती रही। दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट आई। पूर्वी यमुना नहर खंड के उपराजस्व अधिकारी अबुंज कुमार चौधरी ने बताया कि शनिवार को सुबह आठ बजे से लेकर रविवार को सुबह आठ बजे तक 16 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक डा यूपी शाही ने बताया कि मौसम में तीन दिन बाद सुधार होने की संभावना है। बूंदाबांदी गन्ना और आलू की बुआई पिछड़ गई है। तेज हवा चलने से धान की फसल गिर गई है। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाक्टर विकास मलिक ने बताया कि खराब मौसम और बूंदाबांदी से टमाटर, तुरई, गोभी आदि सब्जियों को नुकसान है।
विज्ञापन

बारिश से कांधला में जलभराव
कांधला। कस्बे और क्षेत्र में हुई बरसात के चलते ग्रामीण सहित शहरी क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बेमौसम बरसात के चलते धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
दो दिनों से बेमौसम हुई बरसात के चलते ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बरसात के चलते कस्बे के कैराना रोड स्थित सब्जी मंडी में कीचड़ होने के चलते व्यापारियों और फुटकर व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के मोहल्ला खेल, खंड विकास कार्यालय और नगर पालिका प्रांगण में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से कर्मचारियों और शिकायत कर्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो क्षेत्र के गांव गंगेरू, इस्लामपुर घसौली खेड़ा कुर्तान सहित दर्जनों गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, और तालाब भी ओवरफ्लो हो गए हैं। तालाबों के ओवरफ्लो होने के चलते ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों किसानों की धान की फसल को बेमौसम हुई बरसात के चलते भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने डीएम जसजीत कौर को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की है।
विज्ञापन

सड़क के गड्ढों में पानी भरने से परेशानी
झिंझाना। कस्बे के ऊन-शामली मार्ग पर पानी भरने के कारण सड़क गड्ढों में बदल चुकी है। स्टेट बैंक के पास से बिडौली बस स्टैंड तक तो राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल है। वाहनों को भी पानी भरे गड्ढों में निकलना दुश्वार हो रहा है। कस्बा वासियों का कहना है कि किसी भी चुनाव में आकर प्रत्याशी विकास का सिर्फ वादा कर अपने 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चले जाते हैं, लेकिन विकास कार्य नहीं हो पाता। एसबीआई बैंक से लेकर बिड़ोली स्टैंड तक सड़क के किसी और भी नगर पंचायत द्वारा नाला निर्माण न कराना भी सड़क पर पानी भरने-टूटने का मुख्य कारण है।आए दिन यहां पर कोई ना कोई घटना घटित होती रहती है। कस्बा निवासी भूरा पुत्र शमशाद ने बताया कि गड्ढों में फंस कर उसकी फलों की ठेली पानी में गिर गई थी जिससे उसे नुकसान हुआ है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी योगेंद्र सिंह का कहना है कि पीडब्ल्यूडी द्वारा झिंझाना-थानाभवन मार्ग का तीन मीटर चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। जिस कारण नगर पंचायत ने अभी तक नाला निर्माण नहीं कराया है। सड़क चौड़ीकरण के बाद यह कार्य किया जाएगा।

शामली बारिश में बच्चे को कपड़े से ढक ले जाती महिलाएं।- फोटो : SHAMLI

शामली में आसमान में छाए काले बादल।- फोटो : SHAMLI

झिंझाना कस्बे में मुख्य मार्ग पर भरे पानी से गुजरते वाहन।- फोटो : SHAMLI

झिंझाना कस्बे में मुख्य मार्ग पर भरे पानी से गुजरते वाहन।- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें