त्यागपत्र देने कलक्ट्रेट पहुंची चेयरपर्सन, सभासद रहे नदारद
शामली। नगरपालिका परिषद शामली की चेयरपर्सन अंजना बंसल ने अपने पति पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को अपना त्याग पत्र सौंप दिया है। जबकि 11 दिन पहले सामूहिक त्याग पत्र देने वालों में शामिल 17 सभासद नदारद रहे। डीएम जसजीत कौर ने कहा कि चेयरपर्सन का त्याग पत्र शासन को भेजा जाएगा।
नगरपालिका की चेयरपर्सन अंजना बंसल के पति पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने 20 सितंबर को 17 सभासदों के हस्ताक्षरयुक्त सामूहिक त्याग पत्र डीएम जसजीत कौर को सौंपा था। राजेश्वर बंसल ने आरोप लगाया था कि पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र सिंह की मनमानी और पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते पालिका की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की शिकायत प्रशासन से लगातार की जाती रही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिस वजह से चेयरपर्सन ने त्यागपत्र देने का निर्णय लिया।
उधर, सामूहिक त्याग पत्र के मामले में एडीएम संतोष कुमार ने चेयरपर्सन व 17 सभासदों को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि उनके द्वारा त्याग पत्र की सूचना ज्ञापन के रूप में प्रस्तुत की गई है। इसलिए इस संबंध में अपना स्पष्ट मंतव्य स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई अमल में लाई जा सके। एडीएम का पत्र मिलने के बाद शनिवार को चेयरपर्सन अंजना बंसल अपने पति पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं और डीएम जसजीत कौर को त्याग पत्र सौंपा। पत्र में चेयरपर्सन ने कहा कि वह स्वेच्छा से अपना त्याग पत्र दे रही हैं। उनका त्याग पत्र स्वीकार किया जाए। उधर, सभासदों द्वारा स्वयं उपस्थित होकर त्याग पत्र न दिए जाने को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
डीएम ने बताया पालिका की चेयरपर्सन अंजना बंसल का का त्याग पत्र मिला है, जिसे शासन को भेज दिया जाएगा। उधर, जिन 17 सभासदों ने 11 दिन पहले चेयरपर्सन के साथ सामूहिक त्याग पत्र पर हस्ताक्षर किए थे, उनमें से कोई भी सभासद स्वयं उपस्थित होकर त्याग पत्र देने के लिए अभी नहीं पहुंचा।
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सड़कों के गड्ढों को लेकर भी दी थी त्याग पत्र की चेतावनी
शहर की सड़कों के गड्ढों को लेकर भी चेयरपर्सन की ओर से त्यागपत्र की चेतावनी दी गई थी। तब चेयरपर्सन और सभासदों ने प्रशासन पर आरोप लगाया था कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। प्रशासन जल्द सड़कों की मरम्मत कराए या फिर नगर पालिका प्रशासन को मरम्मत कराने की अनुमति दी जाए। तब प्रशासन ने सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था।
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अब प्रशासक की होगी नियुक्ति
चेयरपर्सन के त्याग पत्र के बाद अब नगर पालिका की कमान प्रशासक के हाथ में आ जाएगी। पिछले दिनों हुए घटनाक्रम से 300 संविदा और ठेका कर्मचारियों का अगस्त का वेतन और कुछ ठेकेदारों का पेमेंट रुक गया था। वित्तीय और निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। अब प्रशासक नियुक्त होने के बाद काम सुचारु होगा।