कैराना कचहरी में दिल्ली बंदी रक्षक गाड़ी को धक्का मारते दिल्ली पुलिस के जवान।
उत्तर प्रदेश के शामली में कैराना कोर्ट में कैदी को लेकर पहुंची दिल्ली पुलिस की बंदी रक्षक गाड़ी को जवानों को ही धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ा। अनफिट वाहन में पेशी कितनी सुरक्षित है, यह कहना मुश्किल है। जेलों से अभियुक्तों की कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाते हैं। इसके बावजूद अनफिट वाहन से कैदियों की सुरक्षा सवालों के घेरे में आ जाती है।
शुक्रवार को राजधानी दिल्ली से डीएल 1 वीसी-3514 बंदी रक्षक गाड़ी में पुलिस के जवान सोनू नामक आरोपी को कैराना स्थित कोर्ट में पेशी पर लेकर पहुंचे। कोर्ट में पेश करने के बाद कैदी को बंदी रक्षक गाड़ी में बैठाया गया। लेकिन गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई।
चालक ने भी काफी प्रयास कर दिए। इसके बाद पुलिस के जवान गाड़ी से नीचे उतरे और गाड़ी में आगे-पीछे धक्का मारा गया, जिसमें कुछ देर पसीना बहाने के बाद गाड़ी स्टार्ट हुई।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि अनफिट बंदी रक्षक गाड़ी में ही बंदियों को लेकर लंबा सफर तय किया जाता है। दिल्ली से बड़े अपराधी भी कैराना में पेशी पर लाए जाते रहे हैं, रास्ते में कोई चूक हुई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।