कांधला। रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी के तत्वावधान में रामलीला मैदान कैराना रोड पर आयोजित रामलीला में प्रभु श्रीराम मुनि के साथ आश्रम पहुंचते हैं। मुनि पंचवटी में कुटी बनाकर राम, सीता और लक्ष्मण के रहने की व्यवस्था कराते हैं। यहीं पर रावण की बहन सूर्पनखा आती है, लक्ष्मण उसकी नाक काट लेते हैं। कटी नाक लेकर सूर्पनखा खर दूषण के पास जाती है। प्रभु राम और खर दूषण के बीच युद्ध होता है जिसमें दोनों भाइयों की मौत प्रभु राम के हाथों होती है। इसके बाद सूर्पनखा रावण के दरबार में खर दूषण के मारे जाने की सूचना देती है। रामलीला मंचन में रोहित गुप्ता, मेहर चंद सिंघल, सचिन शर्मा, श्याम कुमार, अशोक महेश्वरी, शिवम गोयल,निखिल महेश्वरी, सिद्धार्थ जैन, गौरव पाराशर, गौरव गोयल आदि लोगों मौजूद रहे।
उधर, श्रीराम लीला कमेटी पंजाबी धर्मशाला स्थल पर रामलीला में सूर्पनखा प्रसंग का मंचन होता है। बाद में रावण धोखे से माता सीता का हरण कर अपने साथ लंका ले जाता है। इस दौरान मोहनलाल चावला, महावीर प्रसाद अग्रवाल, अनिल मित्तल, ,गुलशन खन्ना, बृजेश शर्मा, संजय गोयल, गुणपाल जैन ,जय श्री मोहन, जितेंद्र सैनी, रणबीर सिंह, ललित शर्मा आदि मौजूद रहे।
खरदूषण वध लीला का मंचन
जलालाबाद। पंचायती श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में सूर्पनखा संवाद व खर और दूषण वध का मंचन किया गया। खर दूषण के अभिनय ने रामलीला पंडाल में बैठे दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दूसरी ओर ट्रस्ट द्वारा आयोजित रामलीला में शुक्रवार की रात कलाकारों ने सेतु निर्माण, अंगद रावण संवाद का मंचन किया। लीला में डायरेक्टर बृजभूषण, देवराज जुनेजा, डॉ. मुकेश आर्य, प्रदीप सैनी, कुलदीप सैनी, प्रदीप, नरेश शर्मा, डॉ. सुनील, लालू भटनागर, बिट्टू कोरी, शेखर, गौरव कोरी, बॉबी शर्मा, राजकुमार रुहेला, मिठ्ठन भटनागर आदि का सहयोग रहा।
हनुमानधाम पर सीता हरण लीला का मंचन
शामली। श्री मंदिर हनुमान टीला हनुमान धाम शामली के 54वें रामलीला महोत्सव में बृहस्पतिवार रात को सीता हरण लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण द्वारा रावण की बहन सूर्पनखा के नाक कान काट दिए जाते हैं। सीता हरण तक की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सलिल द्विवेदी, राजकुमार मित्तल, उपेंद्र द्विवेदी, पं. दिनेश पाठक, रमेश धीमान, शरद द्विवेदी, उत्तम नामदेव, आदेश शर्मा, राकेश आचार्य, सुनील गुप्ता, संदीप नामदेव, आदि मौजूद रहे।
गढीपुख्ता में रामलीला का मंचन करते कलाकार
गढीपुख्ता में रामलीला का मंचन करते कलाकार