शामली। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच किट एक माह से खत्म है। मरीजों की जांच न होने के कारण उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जांच कराने के लिए अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज आ रहे हैं, लेकिन किट खत्म होना बताकर उन्हें वापस भेजा जा रहा है। इससे मरीज मायूस होकर वापस जाने को मजबूर है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि शासन से पांच लाख रुपये का जो बजट मिला था, वह खत्म हो चुका है। अतिरिक्त बजट के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। बजट आने के बाद ही जांच किट की खरीद की जाएगी।
जिले में हेपेटाइटिस के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीज कैराना और कांधला ब्लाक में मिल रहे हैं, लेकिन जिले में हेपेटाइटिस बी व सी के वायरल लोड की जांच नहीं हो रही है। 25 जनवरी को जांच किट खत्म होने पर हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच होना बंद हो गया। जांच किट खत्म होने के बाद मरीज को अब अगली तारीख भी नहीं दी जा रही है। इसकी वजह ये है कि जांच किट कब तक आएगी, यह कोई बताने वाला नहीं है। मरीजों को यह कहकर वापस भेजा जा रहा है कि जब जांच करने का सामान आ जाएगा, तभी जांच होगी।
अब एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बाद ही बजट जारी होेने की उम्मीद की जा रही है। इसलिए जांच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पडेगा। जांच किट कब तक आएगी, इसके बारे में भी कोई कुछ नहीं बता पा रहा है। इसे लेकर स्वास्थ्यकर्मियों व मरीजों के बीच अक्सर नोकझोंक होती है। बुधवार को भी मरीजों ने हेपेटाइटिस की जांच न होेने पर स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक हुई। इसके बाद सीएमएस डॉ. अंजू जोधा से मिलकर मरीजों ने जांच न होने की शिकायत की। सीएमएस ने उन्हें समझाकर शांत किया।
600 से ज्यादा हेपेटाइटिस के मरीजों का चल रहा उपचार
जिले में इस समय 600 से ज्यादा मरीजों का उपचार चल रहा है। इन मरीजों को जिला अस्पताल से दवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा हर महीने हेपेटाइटिस सी के करीब 250 और हेपेटाइटिस बी के 15 से 20 नए मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन जांच न होने के कारण मरीजों को भटकना पड़ रहा है।
हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच का कार्य सीएमओ स्तर से संचालित होता है। सीएमओ कार्यालय से ही जांच के लिए सामान उपलब्ध कराया जाता है। शासन से बजट भी सीएमओ कार्यालय को ही मिलता है। सीएमओ को जांच किट उपलब्ध कराने के लिए दो बार मांग पत्र भेजा जा चुका है।
- डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल
शासन से इस वित्तीय वर्ष में हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच संबंधी सामान के लिए पांच लाख रुपये का बजट मिला था। यह बजट खत्म हो चुका है। अतिरिक्त बजट धनराशि पांच लाख रुपये के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है।
- डॉ. कृष्ण गोपाल, नोडल अधिकारी एसीएमओ