विद्या के मंदिर को उत्कृष्ट कार्यों की लौ से रोशन कर रहे शिक्षक
शामली। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित विद्यालयों की दशा सुधारने और शिक्षा की गुणवत्ता के लिए कार्य करने वाले शिक्षकों ने उत्कृष्ट कार्य कर उपलब्धि हासिल की है। इनके योगदान से विद्यालय में शिक्षा का माहौल बदला है और गुणात्मक सुधार हुए हैं। ऐसे शिक्षक विभाग के साथ ही समाज के प्रेरणास्रोत का कार्य करते हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएं चलाई जा रही हैं, इसके बावजूद बहुत से विद्यालयों में संसाधनों और सुविधाओं की कमी है। इन परिस्थितियों में कई शिक्षकों ने अपने स्तर पर विद्यालयों की सूरत बदलने के साथ ही शिक्षा में भी गुणात्मक सुधार कर उपलब्धि हासिल की है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय लिलौन की प्रधानाध्यापिका उपमा शर्मा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार 2019 प्राप्त कर चुकी है। इसके अलावा जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर पर भी कई अन्य पुरस्कार पा चुकी हैं। प्रधानाध्यापिका ने अपने स्तर से विद्यालय में प्रोजेक्टर लगवाया। कायाकल्प के लिए चहारदीवारी कराई। 2018 में बेसिक शिक्षा विभाग की सबसे पहली वार्षिक पत्रिका उजाला एक किरण निकाली। तब से लगातार हर साल पत्रिका पर करीब 50 हजार रुपये खर्च करतीं हैं। पत्रिका में पूरे साल किए गए कार्यों का संग्रह होता है। विद्यार्थियों के लिए आई कार्ड, स्कूल डायरी, टाई, बेल्ट भी अपने स्तर से उपलब्ध कराती है।
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कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय डांगरोल के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार पिछले महीने राज्य अध्यापक पुरस्कार 2021 से पुरस्कृत हुए हैं। जिला स्तर पर भी कई बार पुरस्कृत हुए हैं। उनका कहना है कि जब उनकी नियुक्ति विद्यालय में हुई थी, उस समय विद्यालय में झाड़ियां खड़ी हुईं थीं। उनकी कटाई कराकर सफाई कराई गई। अपने स्तर से पौधे लगाकर विद्यालय का हरा भरा बनाकर शिक्षा का माहौल बनाया। अपने स्तर से वॉल पेंटिंग और पंखे लगवाए गए। जनसहभागिता से एलईडी, साउंड सिस्टम लगवाए गए। कायाकल्प और स्वच्छता के कार्यक्रम चलाए गए। नवोदय विद्यालय में कई बच्चों का चयन होने के साथ आओ जाने क्या सीखा परीक्षा में भी विद्यालय के बच्चे चयनित हुए हैं।
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आदर्श प्राथमिक विद्यालय बंतीखेड़ा के प्रधानाध्यापक उपेंद्र कुमार ने विद्यालय में अपने स्तर से पेड़-पौधे लगाकर स्वच्छ वातावरण तैयार किया। बच्चों के लिए कंप्यूटर व एलईडी लगाई। वे जिला स्तर पर कई बार पुरस्कार पा चुके हैं। इसी साल मेरा विद्यालय मेरी पहचान में प्रदेश स्तर से जिले में उनके विद्यालय का चयन हुआ। विद्यालय में 338 बालक, 392 बालिकाएं कुल 730 विद्यार्थी नामांकित हैं। मंडल स्तर पर कई बच्चे खेल में पुरस्कार पा चुके हैं। इसके अलावा शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए नवाचार किए जाते हैं।
शामली विश्व शिक्षक दिवस - उपमा शर्मा प्रधानाध्यापिका।- फोटो : SHAMLI
शामली विश्व शिक्षक दिवस पर मनोज कुमार प्रधानाध्यापक।- फोटो : SHAMLI