फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हड्डियों को स्वस्थ रखने को ले अच्छा पोषण, करें व्यायाम

विज्ञापन
विज्ञापन
हड्डियों को स्वस्थ रखने को लें अच्छा पोषण, करें व्यायाम
विज्ञापन

शामली। असंतुलित खानपान और अव्यवस्थित दिनचर्या से समय से पहले शरीर की हड्डियां कमजोर हो रहीं हैं, जिसकी वजह से हड्डी टूटने का खतरा रहता है। हड्डियों को स्वस्थ व मजबूत रखने के लिए मनुष्य को अच्छा पोषण लेना चाहिए और नियमित व्यायाम करना चाहिए।
हड्डियां शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। यह शरीर को आकार प्रदान करने, आंतरिक अंगों को सपोर्ट व सुरक्षा करने समेत कई कार्य करती हैं। हर साल 20 अक्तूबर को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हड्डी स्वस्थ रखने के प्रति जागरूक करना है। वर्तमान युग में लोगों की दिनचर्या अव्यवस्थित और असंतुलित खानपान की वजह से लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या बढ़ रही है। पहले यह बीमारी 50 साल की आयु के बाद होती थी, लेकिन अब यह समय से पहले ही लोगों में देखने को मिल रही है। ज्यादातर मामलों में गिरते ही हड्डी टूटने के मामले सामने आते हैं। ऑस्टियोपोरोसिस से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे हड्डियों के टूटने और फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां अंदर से खोखली हो जातीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है। इसकी वजह वर्तमान दौर में संतुलित भोजन न लेने और दिनचर्या भी अव्यवस्थित होने से यह समस्या बनती है। उन्होंने बताया कि लोगों को भोजन में अधिक कैल्शियम व विटामिन डी वाला पोषक भोजन लेना चाहिए। इसके साथ ही नियमित व्यायाम करने से इस समस्या से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी के अगर लक्षण नजर आते हैं तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए।
--
ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण :
- पीठ में दर्द होना।
- समय के साथ कद का कम होना।
- आसानी से हड्डी फ्रेक्चर होना।
- खड़े में होने की स्थिति में बदलाव होना।
- बैठने और खड़े होने में परेशानी होना।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
- कारण
- विटामिन डी की कमी होना।
- कैल्शियम की कमी होना।
- थायराइड उच्च स्तर पर लंबे समय तक होना।
- हार्मोन का असंतुलन होना।
- बचाव:
- धूम्रपान करने से बचें।
- अत्यधिक शराब का सेवन न करें।
- गिरने से बचाव करना।
- नियमित व्यायाम करें।
- ज्यादा कैल्शियम और विटामिन डी वाला भोजन ले।
- लक्षण नजर आने पर चिकित्सक की सलाह लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें