बाबरी थाने में हंगामा करते गोगवान गांव के किसान।
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तीन नामजद समेत नौ किसानों के खिलाफ दी तहरीर
बाबरी (शामली)। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण कर रही कंपनी के प्रबंधक ने तीन नामजद व छह अज्ञात किसानों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। किसानों पर कंपनी के कर्मचारी से मारपीट और मशीन में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। किसानों ने मशीन चालक पर ग्रामीण को चोट पहुंचाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए थाने पर हंगामा किया।
निर्माण कंपनी के प्रबंधक दीपक राणा ने दी तहरीर में गोगवान निवासी तीन युवकों को नामजद करते हुए कंपनी के कर्मचारी से मारपीट और मशीन में तोड़फोड़ करते हुए छह से सात लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि घटना बृहस्पतिवार शाम की है। क्षेत्र के गांव कुतबगढ़ के जंगल में मिट्टी का कार्य मशीन से किया जा रहा था। शनिवार को कई किसान ट्रैक्टर ट्राली से बाबरी थाने पहुंचे। थानाध्यक्ष से मुलाकात करते हुए मशीन चालक पर किसान गजराज को चोट पहुंचाने के प्रयास का आरोप लगाया। थाना प्रभारी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी बीच कुछ किसानों ने थाने पर हंगामा शुरू कर दिया। जिसके चलते थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों को वहां से लौटा दिया। इस दौरान नरेश तोमर, अजब सिंह, अजीत कुमार शर्मा, रूप सिंह, सोमबीर सिंह, बिजेंद्र सिंह, वेदपाल, सुल्तान आदि मौजूद रहे।
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हल्का लेखपाल के साथ कहासुनी
गोगवान निवासी किसान थाने पर थाना प्रभारी से कंपनी कर्मचारी के साथ हुई मारपीट संबंधित मामले में वार्ता करने पहुंचे थे। समाधान दिवस में गोगवान जलालपुर के हल्का लेखपाल रोहित मलिक भी बैठे थे। किसानों ने बताया कि हरदेवा की भूमि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर और अंबाला-शामली हाइवे में अधिग्रहीत की गई है, लेकिन हल्का लेखपाल ने ज्यादा भूमि अंबाला-शामली में दर्ज कर दी है। जिसको लेकर बहस शुरू हो गई। बाद में लोगों ने किसानों को समझाते हुए मामला शांत कराया।