- स्कूलों के छात्रों का डाटा मिला संदिग्ध, सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग के छात्र शामिल
- सत्यापन के लिए प्राचार्यों को लिखा गया पत्र, बैठक के बाद लिया जाएगा निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जनपद में छात्रवृत्ति के लिए 5414 छात्र-छात्राओं पर तलवार लटकती नजर आ रही है। इनके डाटा का ठीक से मिलान नहीं हो सका। इसके कारण इनका डाटा संदिग्ध श्रेणी में डाला गया है। इनके सत्यापन के लिए प्राचार्यों को पत्र लिखा गया है, जिससे इनके डाटा का मिलान करने के बाद भेजा सके।
काॅलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करते हैं। अपना डाटा काॅलेज में जमा करा देते हैं। जिसके बाद काॅलेज से मिलान के लिए उनका डाटा समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में आता है। जनपद में 5414 छात्र-छात्राओं का डाटा संदिग्ध मिला है। इनका मिलान काॅलेज के डाटा से नहीं हो सका है। इनमें 60 काॅलेज के 680 विद्यार्थी सामान्य वर्ग, 1014 एससी वर्ग व 53 काॅलेजों के ओबीसी वर्ग के 3720 विद्यार्थी शामिल है।
अब इनको छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए प्राचार्यों को पत्र लिखकर डाटा मिलान कराने के आदेश दिए हैं। जिससे काेई भी छात्र वंचित न रहे। प्राचार्यों से डाटा का मिलान होने के बाद बैठक करने के बाद इनका डाटा सही करके शासन को भेज दिया जाएगा।
- जिन छात्रों का डाटा संदिग्ध मिला है उनका मिलान करने के लिए प्राचार्यों को पत्र लिखा गया है। डाटा मिलान करने के बाद शासन को भेज दिया जाएगा। जिससे सभी छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिल सके।-दिनेशचंद गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी, शामली।